रोजगार सहायकों को नही मिला तीन महीने से वेतन:गम्भीर आर्थिक संकट से गुजर रहे है

पाटन। जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायतों में मनरेगा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियुक्त ग्राम रोज़गार सहायकों को विगत दिसम्बर महीने से आज तक मानदेय भुगतान नहीं होने से रोजगार सहायकों के सामने गम्भीर आर्थिक संकट आ गया है।
मालूम हो कि वर्तमान में लगभग सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा अंतर्गत श्रममुलक कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है जिससे हजारों ग्रामीण परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है।सबसे अधिक नरवा ,तालाब,धरसा के कार्य चल रहे है।
लेकिन सभी पंचायतों में सैकड़ो मजदूरों को रोजगार देने वाले रोजगार सहायक आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे है।
मजदूरी मूलक कार्य के संचालन के लिए रोजगार सहायक सप्ताह में औसतन तीन दिन जनपद आना ही पड़ता है,मांग पत्र जमा करने,मस्टरोल निकवाने,मस्टरोल जमा करने जनपद आना ही पड़ता है जिससे कई ऐसे रोजगार सहायक है जो उधार लेकर आना जाना कर रहे है।शासन के महत्वपूर्ण व जनहित के कार्य करने वाले रोजगार सहायकों को मानदेय नही मिलना बहुत आश्चर्यजनक है।बहुत जल्दी रोजगार सहायक मनरेगा कार्यों का बहिष्कार करने की तैयारी में है।

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