? संवाददाता तेनसिंह मरकाम गरियाबंद
सड़कों पर दौड़ा रहें हैं नाबालिग युवा व बगैर लाइसेंस धारी वाहन, विभाग बेखबर नन्हें चालकों के हाथों में परिजन सौप रहें हैं मौत का सामान यातायात नियमों से अनभिज्ञ चालकों के कारण बढ़ रहें हैं सड़क हादसे देवभोग -सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए गरियाबंद पुलिस लगातार गांव-गांव में चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक करते आए दिन नजर आती हैं,पर पुलिस की इतनी कड़ी मेहनत और समझाईश के बावजूद सड़क हादसों के आंकड़ो में लगातार इजाफा हो रहा हैं, इन घटनाओं के घटित होने के पीछे लोगों में जारूकता की कमी व यातायात नियमों के बारे जानकारी न होना सबसे बड़ा वजह बना हैं। यहाँ बता दे कि यातायात पुलिस ने वाहन चालकों के लिए कड़े नियम तो बना दिए हैं, लेकिन उसे अमल कराने में नाकाम साबित हो रहें हैं। और न ही ज़िले के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सही ढंग से पालन हो रहा है। नाबालिग बच्चें खुलेआम सड़को पर ड्राइविंग करते नजर आ रहें हैं। नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होने से नाबालिग बच्चें तीन-तीन सवारी लादकर सड़कों पर बेख़ौफ़ वाहन दौड़ा रहें हैं। यह हाल सिर्फ नगर,या कस्बे का नहीं अपितु गांव के गलियों में बना हुआ हैं।जहां गांव के नाबालिग युवा वर्ग रेसिंग लगाकर अपनी जान तो जोखिम में डाल रहे है,साथ ही राह चलते लोगों के लिए भी मुसीबत बने हुए हैं।अकसर सड़कों में देखा जाता हैं कि वाहनों की बेलगाम गति और नाबालिकों के द्वारा दोपहिया वाहनों में दो तीन सवारियों के साथ लापरवाही पूर्वक वाहन दौड़ाते नजर आते हैं।इतना ही नहीं कई वाहन ऐसे हैं,जिन पर नम्बर प्लेट गायब रहता हैं, जबकि स्टाइलिश बाइक पर नियम विरुद्ध नम्बर लिखवाए गए हैं क्षेत्र में अधिकतर लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होते हुए भी सड़को पर वाहन दौड़ाते
नजर आते हैं, इससे संबंधित विभाग के आला अधिकारी भली भांति परिचित हैं, लेकिन नियम के उल्लंघन करने वालो के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कि जा रहीं है। इस लापरवाही के पीछे नन्हें चालकों के हाथों में मौत का सामान सौपने में कुछ हद तक नाबालिग बच्चों के माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होंगी कई वाहन चालकों को नहीं मालूम यातायात के नियम क़ायदे अक्सर रात्रि के समय में वाहन चला रहे चालकों को बाइक में दिए अपर-डिपर,इंडिगेटर बटन का वास्तविक उपयोग किस जगह और क्यों किया जाता हैं,इसकी जानकारी भी नहीं हैं।यहाँ बताते चले कि भीड़ भाड़ वाले इलाके में यातायात संकेत नहीं होने से हॉस्पिटल, स्कूल,व्यवसायिक क्षेत्र या सार्वजनिक स्थानों पर वाहन की गति कितनी रहनी चाहिए इसके बारे में भी बहुत चालकों को जानकारी हैं।
