जरगांव के ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच पर शासन की राशि का बंदरबांट गबन किए जाने पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा

? ब्यूरो रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद। जिले के कलेक्टर व जिला पंचायत सी ई ओ को ज्ञापन सौपते हुए पूर्व सरपंच के कार्यकाल की जांच की मांग छुरा ब्लाक के ग्राम पंचायत जरगाव व आश्रित ग्राम रवेली,पंडरीपानी, के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय गरियाबंद पहुंचकर ग्राम पंचायत जरगाँव के पूर्व सरपंच बाबूलाल ध्रुव के पिछले 5 साल कार्यकाल की जांच के लिए जिले के कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर व जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी चन्द्रकान्त वर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौपते हुए ग्राम पंचायत में हुए भरस्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व सरपंच बाबूलाल ध्रुव द्वारा अपने सरपंची कार्यकाल में ग्राम के विकास के लिए शासन द्वारा जारी राशि में फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि मे जमकर डाका डाला गया है और अभी भी उनके द्वारा पंचायत में जमकर भरस्टाचार किया जा रहा है क्योंकि अभी वर्तमान में उनकी पत्नी सरपंच है और वे खुद उपसरपंच बनकर पंचायत के हर कार्य को खुद ही देखते है।ग्रामीणों का आरोप है कि विगत कई वर्षों से शासन की विभिन्न योजनाए मूलभूत योजना,14 वे वित्त योजना, 15 वे वित्त योजना ,के साथ मनरेगा योजना के निर्माण कार्य मे नियमो को ताक में रखकर जमकर भरस्टाचार किया जा रहा है सरपंच व सरपंच पति द्वारा जरगाव ग्राम पंचायत में किसी भी तरह की साफ सफाई किसी भी वार्डो में नही कराया गया है जबकि ग्राम की साफ सफाई एवं अन्य जनकल्याणकारी कार्यो के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखो रुपये का बन्दरबाट किया गया है ग्रामीणों का कहना है सरपंच पति द्वारा ग्राम के पंचो व ग्राम के नागरिकों की किसी भी बात को नही सुना जाता ग्राम पंचायत की बैठक सिर्फ खाना पूर्ति के लिए ही रखा जाता है बाकी सिर्फ सरपंच पति की मनमानी चलती है शासकिय राशि को शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के हिसाब से खर्च नही किया जाता हर कार्य मे सरपंच पति अपनी मनमानी करते हुए अपने चहेते दुकानदारो का फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग ग्रामवासियो द्वारा किया गया है ग्रामीणों ने अपने दिए गए आवेदन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है जब भी कोई आदमी पंचायतो के कार्यो की जानकारी मांगने की कोशिश करता है तो पूर्व सरपंच व वर्तमान सरपंच पति उपसरपंच बाबूलाल ध्रुव द्वारा अपनी उची पहुच का धौस दिखाते हुए आदिवासी एक्ट के तहत झूठे मामले में फंसा देने का भी धमकी दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि छुरा ब्लाक में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा किये गए भरस्टाचार में कुछ दिन पहले कलेक्टर महोदय गरियाबंद के द्वारा रानीपरतेवा के सरपंच को बर्खास्त किया गया है साथ ही रानीपरतेवा के सचिव को भी निलम्बित किया गया है।तो वही छुरा ब्लाक के ही रसेला ग्राम पंचायत का भी जांच अनुविभागीय अधिकारी छुरा द्वारा किया जा रहा है निश्चित रूप से जब जांच की रिपोर्ट सामने आएगी तो कई चौकाने वाले मामले खुलकर सामने आने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *