दुर्ग। प्रतिभा के लिए कद काठी मायने नहीं रखती, एक साधारण से कद काठी वाले प्रो शिवानंद कामडे ने तकनीकी विषयों पर 50 से 60 पुस्तकें लिखी।
एसोसिएशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड पोलीटेक्निक कालेज टीचर्स गजेटेड आफिसर्स आफ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे ने बताया कि प्रो एस एन कामडे ने अपना कैरियर शासकीय पॉलिटेक्निक बैढ़न सीधी में व्याख्याता सिविल इंजीनियरिंग से किया, अध्यन में रुचि होने के कारण उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में कई विषयों पर हिंदी में पुस्तकें लिखी जिसके लिए उन्हें एआईसीटीई द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। कोरोना काल में जहां लोग डरें सहमे हुए दुबके बैठे थे उसी दौरान उन्होंने कोरोना पर 7 से अधिक पुस्तकें लिखी। इस सराहनीय कार्य हेतु, छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज राजपत्रित अधिकारी संघ की ओर से सम्मानित किया गया। एक सादे समारोह में प्रो एस एन कामडे को, प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे ने स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तकनीकी शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रो एस एन कामडे को बधाई दी।
छ ग तकनीकी शिक्षा में नये आयाम जोड़ने वाले प्रो शिवानंद कामडे का राजपत्रित अधिकारी संघ ने किया सम्मान
