लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद
कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के विकास को लेकर रोडमैप तैयार कर लिया है। वर्तमान स्थिति के अनुसार अनुमानित 200 करोड़ रुपया लागत राशि से विभिन्न योजनाओं को धरातल में उतारने की दिशा में काम हो रहा है। जिसमें जतमाई-घटारानी और चिंगरापगार जैसे पर्यटन स्थलों को पहले से अधिक औऱ खूबसूरत स्वरूप दिया जाएगा। वन विभाग गरियाबंद ने चिंगरापगार की खूबसूरती में चार चांद लगाने कैम्पामद से कार्ययोजना तैयार कर लिया है।
राजिम से देवभोग तक सड़क मार्ग को सुगम बनाने नेशनल हाइवे 130 सी में 4 लाईन सड़क बनना प्रस्तावित है। इस कार्य में वन अधिनियम के तहत कुछ दिक्कतें है, इसमें जो भी टेक्निकल समस्या है उसका भी समाधान कर लिए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में नई इबारत लिखा जाएगा। जिले में सेंट्रल स्कूल सहित एकलव्य स्कूल खोले जाने की योजना है जिसमें स्थानीय बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त होगा। कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजलापूर्ति किया जाएगा, जिसके लिए 2 माह के भीतर काम शुरू किया जाएगा। नलजल मिशन योजना से ही देवभोग क्षेत्र के किड़नी प्रभावित गांव सुपेबेडा में तेल नदी से जल आवर्धन के तहत शुद्ध पानी उपलब्ध होगा। सुपेबेडा जल आवर्धन योजना के लिए टेंडर भी जल्द लग जायेगा।
सरकार के महत्वपूर्ण राम वन गमन पथ योजना के तहत सर्व सुविधा सुगम मार्ग भी बनेगा। इसके अलावा गरियाबंद के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में पारंगत बनाने अलग-अलग खेल कार्यक्रम से भी जोड़ा जाएगा। जिसमें चेस (शतरंज), बॉलीबाल, कबड्डी, साइक्लिंग कॉम्पिटिशन आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के आयोजन होने से युवा वर्ग को नई दिशा मिलेगी, इस तरह के आयोजन लगातार होने से नया अवसर मिलेगा। गरियाबंद शहर का विकास के लिए नगर निवेश का प्लांनिग कर लिया गया है, आसपास के गांव को इसमें शामिल किया जाएगा, नगर निवेश योजना सबंधी दावा-आपत्ति जारी भी किया गया है जिसके पश्चात नगर निवेश का प्रकाशन कर दिया जाएगा। आम आदमी के लिए हाउसिंग बोर्ड के साथ मिलकर आवास भी बनाया जाएगा जिसके लिए 25 एकड़ जमीन सुरक्षित किया जाएगा।
कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने बताया कि गरियाबंद से देवभोग फोर लाइन की सड़क बनने की तैयारी चल रही है कुछ दिक्कतें उदंती सीतानादी टाइगर प्रोजेक्ट को लेकर के है जिसके चलते ऐसी संभावना है कि इस क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्र सड़क निकाली जाएगी वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जतमई घटारानी तौरेँगा जलाशय के विकास हेतु 2 से 4 करोड़ जल्द पहुंचने की संभावना है कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि गरियाबंद जिले के विकास के लिए 200 करोड़ की राशि जल्द ही मिलेगा। वर्तमान समय में राम गमन पथ को लेकर राजिम फिंगेश्वर क्षेत्र को विकसित करने की योजना बन रही है इसी के साथ अनेक योजनाएं राजिम में संचालित है जहां लगभग राजिम फिंगेश्वर के विकास के लिए 100 करोड़ रूपया लगने की तैयारियां हैं गरियाबंद जिले में फूड प्रोसेसिंग की भी संभावनाएं है जिसके लिए तैयारियां प्रारंभ है डाइट महिला बाल विकास, हाउसिंग बोर्ड, जल जीवन मिशन, के तहत अनेक योजनाएं संचालित होने वाली है दो-तीन साल में एक गरियाबंद एक नया स्वरूप में नजर आएगा पत्रकारों ने सुपेबेड़ा में स्वच्छ पानी को लेकर किए गए प्रश्न पर उन्होंने कहा- जल जीवन मिशन के तहत सुपेबेडा को शामिल किया गया है ऐसी संभावना है कि 15 से 20 दिनों के अंदर इसका टेंडर लग जाएगा और काम जल्द से जल्द प्रारंभ हो जाएगा जिससे सुपेबेड़ा को बहुत राहत मिलेगी और तेल नदी से सीधा पानी मिलने से ग्रामीण जनों की मंशा और जनप्रतिनिधियों की घोषणा भी पूरी हो जाएगी इसी के साथ गरियाबंद जिले के अन्य क्षेत्रों मे भी पेयजल समस्या से राहत मिलेगा। गरियाबंद के विकास के लिए नगर निवेश ने जो प्रस्ताव बनाया है उसे लागू करने की योजनाएं चल रही है हालांकि यह प्रोसेस 5 से 6 साल में कंप्लीट होगा लेकिन इसके बनने से गरियाबंद एक नया स्वरूप में नजर आएगा और नगर व्यवस्थित नजर आएगा। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि दरसल कुछ दिक्कतें भी है जो विकास के कायोँ में अड़चन ला रहा है वह सरकारी जमीन की उपलब्ध नहीं होना है जिसके चलते अनेक विकास कार्यों को दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित करना पड़ रहा है हम प्रयास कर रहे हैं कि अधिक से अधिक जमीन गरियाबंद क्षेत्र के आसपास मिले जिससे सभी चीजें यहीं पर गरियाबंद में उपलब्ध हो। आरटीओ कार्यालय के लिए भी हम लगातार जमीन देख रहे हैं इसकी भी इसके लिए भी राशि प्राप्त हो चुकी है अब जरूरत है तो जमीन की वहीं उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा जिला अस्पताल के लिए भी जमीन देख रहे है सरकार राशि तो दे रही है पर जमीन की उपलब्धता न होने के चलते दिक्कतें आ रही है ऐसा भी प्रयास किया जा रहा है कि वॉलीबॉल कबड्डी शतरँज और साइकिलिंग खेलों के लिए के लिए भी विस्तृत योजना बनाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाए राम गमन पथ को लेकर उन्होंने कहा इसमें पैसा बहुत है और इस पर विकास करने की संभावना बलवती है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि कूकदा डैम में एक निजी कंपनी के माध्यम से जो कच्छ गुजरात एवं रायपुर के लोग सौर्य मंडल के विभिन्न ग्रहों और चांद तारों पर एक कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा जिसके माध्यम से लोगों को सौरमंडल की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। आगे उन्होंने कहा कि मक्का के खेती केक्ष दृष्टिकोण से गरियाबंद जिला पूरे प्रदेश में प्रथम है 2000/ क्विंटल तक की खरीदी अब तक हो चुकी है। लगभग 40 लाख की खरीदी हुई है। मुख्य रूप से शासन का उद्देश्य है फसल परिवर्तन के माध्यम से लोगों को विकास को की गति को दुगुना करना जिसके लिए शासन पूरी तरह से प्रयासरत है और उम्मीद है कि मक्का की फसल में जहां बाजार मिलेगा और बिक्री आसानी होगी तो लोगों का झुकाव बढ़ेगा जिससे फसल परिवर्तन की संभावनाएं बढ़ेगी इस अवसर पर उन्होंने ऐसी उम्मीद जताई कि आगामी तीन-चार सालों के अंदर गरियाबंद नगर वासियों के साथ ही जिला के लोगों को भी को एक नया स्वरूप देखने को मिलेगा।
