पाटन के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है कृषि विकास केंद्र पाहन्दा (अ)-हर्षा लोकमनी चंद्राकर

पाटन। विगत दिनों भारत सरकार का उपक्रम कृषि विकास केंद्र पहंदा (अ) का निरीक्षण श्रीमती हर्षा लोकमनी चंद्राकर सदस्य जिला पंचायत दुर्ग द्वारा किया गया । इस दौरान चर्चा करते हुए केंद्र के प्रमुख डॉ विजय जैन ने बताया कि उक्त संस्थान मे लगभग तीन सालों में क्षेत्र के लगभग पैंतीस से चालीस गांवो के 750 – 800 के लगभग किसान लाभान्वित हो चुके है। वही प्रदर्शन के माध्यम से लगभग 2500 किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। किसानों के साथ साथ कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को भी साल में एक से दो बार प्रशिक्षण दिया जाता है। श्री जैन ने बताया कि संस्थान में छै वैज्ञानिको द्वारा छै विभागों पर जिनमे कृषि, पशुपालन, उद्द्यानिकी, कृषि अभियांत्रिकी, मिटटी परीक्षण, पौध संरक्षण पर प्रशिक्षण एवं विभिन्न किसानों को जरूरत के हिसाब से समस्याओ के समाधान पर जानकारियां दी जाती है। यहाँ पर महिलाओं को समूह के माध्यम से बेसिक रूप से खेती करना सिखाया जाता है तात्कालिक में यहा पर पांच महिला समूह प्रशिक्षण उपरांत खेती का कार्य कर रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्थान द्वारा पिछले दो सालों से क्षेत्र के दो गांवो अरसनारा व अमेरी में सोलह किसानों के माध्यम से जैविक खेती किया जा रहा है। आगे बताया कि संस्थान में अब नई किस्म के बीजों का उत्पादन भी किया जा रहा है, अनाज में धान, गेंहू, दलहन में चना , अरहर, सब्जी में पालक, टमाटर, बैंगन, हल्दी, धनिया आदि, इन बीजों को बीज निगम के माध्यम से किसानों को बेचा जा रहा है। विशेष ये है कि पूरे छत्तीसगढ़ में 27 कृषि विकास केंद्र है जिसमे अकेला पाहन्दा को धनिया का प्रजनक बीज उत्पादन के लिए चुना गया है। इस दौरान उन्होंने पूरे संस्थान में चल रहे कार्यो को , वहां लगे विभिन्न फसलो को देखा, कई वैज्ञानिकों से चर्चा भी हुई। साथ मे वैज्ञानिक डॉ ईश्वरी साहू, लोकमनी चंद्राकर अध्यक्ष भाजपा उत्तर मंडल पाटन, पवन वर्मा आदि थे।

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