पाटन। विकासखण्ड के सबसे बड़े ग्राम सेलूद में त्रिदिवसीय सस्वर मानस गान प्रतियोगिता 27 वे वर्ष का शुभारम्भ रविवार को ग्राम के देवी-देवता की पुजा अर्चना के साथ धर्म ध्वज फहराकर किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि धर्म से ही आत्मीयता जागृत होती है और इससे ही भाईचारा की भावना उत्पन्न होता है । हम अपने जीवन में कभी राम ,लक्ष्मण ,सीता ,दशरथ और भरत के रुप में कभी अपने आप को देखते है । गाँव – गाँव में रामायण प्रतियोगिता के आयोजन से ही रामराज्य के सपना को पुरा करने में बल मिलता है ।रामचरित मानस हमे जीवन मे मर्यादा सिखाती इसमें जीवन का सम्मपूर्ण का सार है। गाँव-गाँव में रामायण, जसगीत या अन्य आयोजन के माध्यम से आयोजन समिति आपस मे भाईचारा, प्रेम ,आपसी सद्भाव के भावना के साथ हर साल एक मंच सजाकर गाव वालो को एक करने का प्रयास करते है।हमारी निवास स्थली छत्तीसगढ़ माता कौशिल्या की जन्म स्थली है। भगवान राम वनवास के 14 में से 10 वर्ष गुजारे है। छत्तीसगढ़ से श्रीराम को विशेष प्रेम था। ऐसे धरती में निवासरत रहना हम सबके के लिए सौभाग्य की बात है । कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रही जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हर्षा चद्राकर ने कहा कि धर्म के कार्य होने से हमारे अंदर से बुराई खत्म करने की ओर अग्रसर होता है । नारी सशक्त होने पर समाज भी सशक्त होता है पुरुष के सहयोग से नारी सशक्त होता है ।बच्चों को पढ़ाना बहुत जरुरी है रामराज्य लाने के लिए कही जाने की जरुरत नहीं है अपने घर में ही बच्चों को अच्छे से पढ़ा लिखाकर कर सुसंस्कृत कर रामराज्य की कल्पना को पुरा किया जा सकता है। सुबह धर्म ध्वज व दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम जनपद सदस्य खिलेश बबलू मारकंडे सरपंच खेमिन साहू और ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों व समिति सदस्यों द्वारा किया गया ।इस अवसर पर प्रमुख रुप से जिला महामंत्री ललिल चंद्राकर जनपद सदस्य खिलेश मारकंडे खेमिन साहू सुरेन्द्र बंछोर लोकमणी चंद्राकर खेमलाल साहू, दऊवा वर्मा अर्जुन सिंह बंछोर अशोक यादव तारेन्द्र बंछोर रविकांत यादव ,सुरेखा सेन रवि पटेल कृष्ण कुमार साहू ,राम नारायण ठाकुर , अनिल बनपेला , त्रिभुवन यदु कीर्तन देवाँगन तरुण जैन संजय यादव ,चंचल यादव दिलिप बंछोर शुभम् साहू , विष्णु वर्मा , किरण सोनवानी ,रविकांत यादव, नितिश यादव सुभाष बंछोर, चुरामन यादव पवन यादव, संतराम यादव सहित अन्य मौजूद थे।
रामचरित मानस हमे जीवन मे मर्यादा सिखाती इसमें जीवन का सम्मपूर्ण का सार है- विजय बघेल
