राजनादगांव। “ग्राम पंचायत हमारे देश के ग्राम स्वराज का आधार है हमारा ग्राम पंचायत जितना सुदृढ़ होगा हमारे गांव की विकास की धारा उतनी ही तेज बहेगी” उक्त बातें ग्राम पंचायत बोदला के सरपंच शत्रुघ्न लाल निषाद ने कहा।
गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपने को पूर्ण करने हेतु सभी ग्राम पंचायत और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता वर्धन का कार्यक्रम राजनांदगांव में विगत माह से चलाया जा रहा है।
2020 के ग्राम पंचायत चुनाव में चुनकर के आए हुए जनप्रतिनिधियों का क्षमता वर्धन का कार्यक्रम रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से डोंगरगढ़ डोंगरगांव और राजनांदगांव के 37 पंचायतों में विगत माह से चल रहा है। क्षमता वर्धन कार्यक्रम के दो हिस्से हैं पहले भाग में सभी प्रतिनिधियों को नेतृत्व क्षमता वर्धन की ट्रेनिंग दी जाती है।
इस ट्रेनिंग में मुख्यता प्रयास किया जाता है की नेतृत्व क्षमता एक आम जनप्रतिनिधि के लिए क्यों आवश्यक है नेतृत्व की शैली किस प्रकार की होनी चाहिए कैसे संवाद स्थापित किया जाता है अच्छे नेतृत्व क्षमतावान व्यक्तियों में कौन-कौन से गुण होने चाहिए। ऐसे गुणों को अपने अंदर कैसे समाहित कर सकते हैं इस पर ट्रेनिंग दी जाती है

ट्रेनिंग का दूसरा भाग होता है ग्राम पंचायत विकास योजना को सरल और प्रभावी ढंग से अपने अपने ग्राम पंचायतों में किस प्रकार लागू किया जा सकता है.
ग्राम पंचायत विकास योजना यानी जीपीडीपी क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है इस इसके महत्वपूर्ण घटक क्या-क्या है।
ग्राम विकास हेतु आवश्यकताएं एवं प्राथमिकता के क्रम को तय करना.
बजट के अनुपात में उनका प्राथमिकता का क्रम तय कर बजट का आवंटन करना.
जीपीडीपी में ग्राम सभा का महत्व और ग्राम सभा में को प्रभावी बनाने हेतु लोगों का सहयोग जैसे विषयों पर दूसरी ट्रेनिंग दी जाती है।

अभी तक राजनांदगांव के तीनों ब्लॉक में 37 पंचायतों के 200 से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का ट्रेनिंग इन विषयों पर किया जा चुका है। वही ग्राम पंचायत डोमहाटोला की सरपंच श्रीमती खिलेश्वरी साहू ने कहा कि “रिलायंस फाउंडेशन के द्वारा दी गई इस नेतृत्व क्षमता वर्धन की ट्रेनिंग से हमें या सीखने को मिला कि एक जनप्रतिनिधि के लिए नेतृत्व क्षमता में वृद्धि कितना आवश्यक है कैसे हम लोगों से संवाद करें किस प्रकार संवाद करें जिससे हमारी छवि अच्छी हो और जीपीडीपी की ट्रेनिंग से हमें बहुत सी ऐसी नई बातें पता चली जिससे हम अपने ग्राम विकास योजना को जनभागीदारी से और बेहतर ढंग से बना सकते हैं।
