? रिपोर्टर गिरीश तिवारी गरियाबंद
नेशनल हाईवे 130 सी रायपुर देवभोग पक्की सड़क मार्ग जुगाड़ से पहले हैण्डपंप के समीप सड़क किनारे बेशकीमती साल वृक्षों की 30-40 के संख्या मे अवैध रूप से अतिक्रमणकारियों के द्वारा गडलिंग किया गया है, पेड के छाल निकालकर उसे सुखया जा रहा है, सड़क किनारे इस तरह के कृत्यों का अंजाम एक-दो दिन में अतिक्रमणकारियों के द्वारा नहीं किया गया होगा, वन विभाग बेखबर क्यों बना रहा, क्षेत्र में चर्चाएं जोरों पर है, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के जुगाड़ के आसपास अतिक्रमणकारियों के द्वारा पेड़ों की खुलेआम कटाई लगातार करते हैं, एक जगह नही जंगल के भीतर और खासकर गांव के आसपास ऐसे सैकडों वृक्षों को देखा जा सकता है जिसका लगातार कटाई किया जा रहा है, और बाद में इस पेड के सुख जाने से इसकी कटाई कर दिया जाता है, अगर समय रहते अवैध अतिक्रमणकारियो के कार्यों पर रोकथाम नहीं किया गया तो निश्चित तौर से आने वाला समय में पूरा जंगल कि स्थिति बेहद खराब हो जायेगी ।
सिंहार जंगल क्षेत्र में भी लगातार अवैध कटाई से मैदान में तब्दील हो रहे है घने जंगल
तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 08 किलोमीटर दुर सिंहार जाने वाले मार्ग में भी इसी तरह घने जंगल के भीतर पेंडो को बेदर्दी से काटकर उसके साक्ष्य को छुपाने के लिए उसके ठूंठों को आग लगा दिया जा रहा है, यह खेल पिछले कई वर्षो से चल रहा है, आज क्षेत्र के घने जंगल ठूठ और मैदान में तब्दील हो रहे है, इस संबध में वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह राजस्व विभाग की जमीन है, तो राजस्व विभाग द्वारा वन विभाग की जमीन बताया जाता है बहरहाल जो भी हो घने जंगल क्षेत्र में पेडों की अवैध कटाई बेधडक जारी है, और इसे रोकने वाला कोई नजर नही आता जिसके चलते अवैध कटाई करने वालें के हौसले बुंलद है, और तो और वन अधिकार पट्टा के नाम पर तो घने जंगल क्षेत्रो में लगातार कुल्हाडिया चल रही है, जिसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों को भी लेकिन वे भी कार्यवाही करने में बेबस नजर आते है।
क्या कहते है वन अफसर
इस सबंध में चर्चा करने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी मैनपुर अनिल कुमार साहू ने बताया कि जंहा भी अवैध कटाई की जानकारी मिलती है, उनके खिलाफ कार्यवाही किया जा रहा है, यह अवैध कटाई पुराना होगा।
