? जिला रिपोर्टर तेनसिंह मरकाम गरियाबंद
छत्तीसगढ़ गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड मुख्यालय से 40 किलोमीटर की उदंती जंगलों के मध्य इंदा गांव वनपरीक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धूमा घाट और कंडसर की मध्य एक रपटा जो कि खतरों को दावत दे रहा है और आए दिन इस रपटा से लोगों को जान से हाथ धोना पड़ता है।
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गौरतलब है कि इस रपटा की ना तो मरम्मत की जा रही है ना ही विचार किया जा रहा है । यहां तक कि पंचायत भी देख कर भी अनदेखा कर रहा है गांव वाले अक्सर इस खतरनाक रपटा में दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं । इस सम्बंध में सरपंच पानो बाई सोरी ने हमें बताया की इसको नए सिरे से रपटा के जगह ब्रिज बनाने की आवश्यक है।
यह सिर्फ जुबानी बातें हैं हकीकत कुछ और नजर आता है वही अगर हम ग्रामीणों की बातों की माने तो ऐसे कई बातें हैं जो बताते हैं सिर्फ और काम अब तक देखने को नहीं मिला ग्रामीण चाहते हैं कि जल्द से जल्द मरम्मत हो या फिर ब्रिज बनना चाहिए।
गौरतलब है कि इस मार्ग से सरकारी अमला जनप्रतिनिधियों का काफिला आए दिन गुजरते रहते हैं पर इस खतरा की दावत दे रहे खतरनाक रपटा को कोई भी नजरअंदाज कर देखे चले जा रहे है।
रपटा के ठीक बीचों बीच सरिया उठा हुआ है जिससे कि कोई बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रहा है और सवाल उठता है पंचायत व्यवस्था पर
दूसरी ओर कांडसर में बाबा धाम होने की वजह से दूरदराज उड़ीसा प्रांत के लोग भी बाबा धाम आते हैं जिनको इसी से गुजरना पड़ता है और काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है हर वक्त से ग्रामीण परेशान रहते हैं।
जैसे कि बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है एक गांव के लोग दूसरे गांव जा नहीं सकते बरसात के दिनों में किसान अपनी खेती बाड़ी तक जा नहीं सकते और न कोई मेडिकल सुविधा भी है इस गांव तक नहीं पहुंच सकते इसके साथ ही कई अन्य समस्याएं हैं। जिसको हम तो नहीं बदल सकते सरकार से गुजारिश करते हैं कि सरकारी योजना ग्रामीण विकास कार्य योजनाओं के तहत रपटा या ब्रिज बनाया जाए।
