बोधघाट परियोजना के निर्माण से 359 गांवों के 3.66 लाख हेक्टयर रकबे में मिलेगी सिंचाई सुविधा —परियोजना से 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन के अलावा उद्योगों को मिलेगा पानी

रायपुर—-बोधघाट परियोजना प्रदेश और बस्तर संभाग की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है। इस परियोजना से सिंचाई, पीने और निस्तारी के साथ ही उद्योगों को पानी मिलेगा । इसमें मछली पालन भी किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय लागों को रोजगार मिलेगा । बोधघाट परियोजना का विकास दंतेवाडा जिले के गीदम विकासखण्ड के पर्यटन स्थल बारसुर के समीप किया जाएगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा ।

परियोजना का निर्माण लगभग 22 हजार 653 करोड़ रुपए की लागत से होगा । क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 13 प्रतिशत सिंचाई क्षमता है, इस परियोजना के निर्माण से क्षेत्र के 3 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे दंतेवाड़ा जिले के 51, बीजापुर के 218 बीजापुर और सुकमा जिले के 90 गाँवों को मिलाकर कुल 359 गांवों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा परियोजना से 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन होगा। ओद्यागिक उपयोग हेतु 500 मि.घ.मी. जल, पेयजल के लिए 30 मि.घ.मी. पानी का उपयोग किया जा सकेगा। 4824 टन मछली पालन का वार्षिक लक्ष्य के साथ ही पर्यटन के लिए भी एक स्थल का विकास किया जाएगा। इस परियोजना के निर्माण से 42 गाँव और 13783.147 हेक्टेयर जमीन डुबान क्षेत्र में आ रहे है। इसमें वन भूमि 5704 हेक्टेयर, निजी भूमि 5010 हेक्टेयर और शासकीय भूमि 3069 हेक्टेयर शामिल है।

इस परियोजना के विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर क्षेत्र के सांसद, विधायक और गणमान्य जन प्रतिनिधियों से कहा कि इंद्रावती नदी के जल का सदुपयोग कर बस्तर को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए बोधघाट परियोजना जरूरी है। प्रभावितों के लिए पुनर्वास एवं व्यवस्थापन की बेहतर व्यवस्था किया जाएगा। विस्थापितों को उनकी जमीन के बदले बेहतर जमीन, मकान के बदले बेहतर मकान दिए जाएँगे। प्रभावितों के पुनर्वास एवं व्यवस्थापन के बाद ही उनकी भूमि ली जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *