? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
देवभोग। सरकार द्वारा पंचायत के खाते में लाखों रुपए 14वें वित्त मद के तहत डाला जाता है। ताकि गाइडलाइन अनुसार साफ-सफाई नाली निर्माण मरम्मत सोख्ता गड्ढा निर्माण सहित कई बिंदुओं पर कार्य कराया जा सके। मगर कुछ सरपंच सचिव मुनाफा कमाने के चक्कर में पूरी पूरी राशि सीसी सड़क बनाने में लगा देते हैं। ऐसे ही मामला ग्राम पंचायत डाेहेल का सामने आया है जहां 14 वें वित्त मद के तहत 7 लाख 50 हजार से ज्यादा राशि शासन द्वारा जारी किया गया। जिसे सरपंच सचिव एकमुश्त सीसी सड़क निर्माण के लिए आधी राशि आहरण कर लिया बकायदा डाेहेल पाेडागुडा, झाराबहाल मैं सीसी सड़क निर्माण भी कर लिया लेकिन इसके बाद से ग्रामीणों की छोटी बड़ी जरूरत कार्य की मांग को आवंटन नहीं होने का हवाला देकर अनदेखा किया जा रहा है। जबकि ग्रामीणों के सामने गंदगी सबसे विकराल समस्या बनी है । सरपंच घर से लेकर गांव के अंतिम तक कीचड़ से लथपथ होता है। जिससे अधिकांश ग्रामीण बीमारी के चपेट में आ रहे हैं । बावजूद इसके जिम्मेदार साफ-सफाई को लेकर गंभीर नहीं है। जबकि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कई बार सरपंच एवं सचिव को अवगत कराया गया मगर आवंटन नहीं होना और बिना पैसे की कोई सफाई नहीं करनी जैसी बात कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे में जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़ा कर रहे हैं। क्योंकि 14वें वित्त मद की राशि को लंबी चौड़ी प्रक्रिया के तहत चांदनी निर्माण सोख्ता गड्ढा तालाब सफाई नाली निर्माण मरम्मत सहित कई बिंदुओं पर कार्य कराते हुए राशि को खर्च करने का प्रावधान है। इसी के चलते सरकार द्वारा साल में दो बार राशि जारी किया जाता है। ताकि ग्रामीणों के मांग अनुसार कार्य करवाया जाए लेकिन सरपंच सचिव की मुनाफाखोरी के चलते ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा से वंचित होना पड़ता है । सरपंच सचिव द्वारा मनमानी तरीके से 14वें वित्त की राशि को खर्च किए जाने से ग्रामीण भी काफी नाराज है। क्योंकि मद में राशि नहीं होने से कई समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है । जिसका प्रमुख कारण सचिव सरपंच द्वारा सात लाख से अधिक राशि को सीसी सड़क बनाने को माना जाता है। वह सड़क भी निर्धारित राशि अनुसार नहीं बनने की बात कहीं जा रही है। और इसके लिए जल्द ही सीईओ से शिकायत कर जांच की मांग करने की बात कह हैं।
