दिवंगत पिता की निशानी थी पेड़… आपसी रंजिश के चलते कर दी कटाई… मौत से पहले खुद ने लगाया था पौधा…बेटी बेटे को दिलाती थी पिता की याद

अंचल पांडेय

पाटन । समीप के गांव बोरिद में आपसी रंजिश के चलते पेड़ की कटाई करने का मामला प्रकाश में आया है जिसकी शिकायत परिजनों ने नायब तहसीलदार को किया है । सरकार द्वारा लगातार मुहिम चलाई जा रही है कि पौधे लगाओ हर कोई व्यक्ति यहां पेड़ लगाओ पेड़ बचाव की थीम पर कार्य किया जा रहा है सरकार के द्वारा भी नगर को हरा भरा बनाये रखने के लिए सड़क किनारे पौधे लगाए जा रहे है ।
बताया जाता है कि घर के सामने पिता के द्वारा बादाम का पौधा लगाया गया था पिता के गुजर जाने के बाद परिवार ने उस पौधे को पिता की निशानी समझ कर छोटे रूप से उसे सिंचित , संरक्षित कर रखा हुआ था वह बादाम का पौधा विकसित होकर बड़ा हो गया था फल भी लगने लगे थे जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने मध्य रात्रि को रंजिश के चलते उसे काट दिया जिससे परिवार में आक्रोश का माहौल है परिजन ने इसकी शिकायत भी की है ।

मिली जानकारी के अनुसार स्व चन्द्रहास नायक (बल्ला ) ने के द्वारा इस बादाम के पौधे को लगाया गया था। बिजली के एक दुर्घटना में उनकी मौत हो गई वे बिजली विभाग में कार्यरत थे परिवार के बेटे ने उस पौधे को पिता की याद एवं अंतिम निशानी समझ कर उसको सहेज कर रखे एवं उचित रखरखाव कर रहे थे । रंजिश के चलते किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस पर आरी चला कर उस निशानी को हमेशा के लिए मिटा दिया जिससे परिवार में दुःख एवं आक्रोश व्याप्त है । परिजनों का कहना है कि दुर्घटना में पिता की मौत हुई थी वे बिजली विभाग में कार्य करते थे। वह पौधा किसी आम व्यक्ति के लिये बादाम का पेड़ था । लेकिन हम सभी के लिए हमारे पिता की निशानी उस पौधों को हमने उनके स्मृति स्वरुप सहेज एवं संरक्षित करने रखा हुआ था । परिवार ने उचित कार्यवाही की मांग की है ।

सोसल मीडिया में फोन रिकॉर्डिंग एवं वीडियो हो रहा है वायरल

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गाँव में एक माहौल सा बना हुआ है। परिजन को आस पास के लोगो पर शक , फोन की रिकॉर्डिंग एवं वीडियो भी वायरल हो रहा है ,लेकिन परिजन सम्बंधित विभाग से आस लगाए हुए बैठे है कि विभाग के द्वारा कार्यवाही हो और इस तरह के कुकृत्य करने वाले के ऊपर वैधानिक कार्यवाही की जा सके कुछ समय पहले उसी बादाम के पेड़ को काटने की कोशिश पहले भी की जा चुकी है लेकिन काटने में सफलता प्राप्त नही हुई थी लेकिन इस समय उस पेड़ पर आरी चल ही गई ।

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