पाटन। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के द्वारा गांवो में स्वच्छता को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 का आयोजन किया गया है। जिसमें 4.34 करोड़ की राशि दी जाएगी। इन पुरस्कारों के लिए चयनित ग्राम पंचायतों की ओर प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गांधी जंयती 02 अक्टूबर 2020 को पुरस्कृत करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री टी0एस0 सिंहदेव ने राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 के तहत् 15 श्रेणियों में दिये जाने वाले पुरस्कार की घोषणा की गई है।
राज्य स्वच्छता पुरस्कार अंतर्गत 18 गतिविधियों हेतु दुर्ग जिले में कुल 191 एवं पाटन में 68 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसके सत्यापन एवं क्षेत्रीय भ्रमण हेतु गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में सत्यापन समिति के सदस्यों के साथ चर्चा कर सत्यापन किये जाने की कार्ययोजना तैयार की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग एस. आलोक द्वारा उपस्थित समिति सदस्यों से चर्चा करते हुए जानकारी दी गई कि राज्य स्वच्छता पुरस्कार अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तर पर दिये जाने वाले विभिन्न पुरस्कार है। जिसमें से कुछ पुरस्कारों को सीधे जिला स्तर पर दिये जाने है, जिला स्तर पर जो प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहेंगे। उन्हीं में से राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु प्रेषित किया जायेगा। इन पुरस्कारों का सत्यापन एवं चयन के साथ साथ हमें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करना है। यदि किसी कार्य में कोई कमी भी नजर आती है तो उसे हम सुधारने का भी प्रयास करेंगे।

जनपद पंचायत पाटन से सत्यापन हेतु जनपद उपाध्यक्ष देवेन्द्र चंद्रवंशी, जनपद सभापति रमन टिकरिहा, सभापति जनपद पंचायत पाटन दिनेश साहू, सभापति जनपद पंचायत पाटन, पंकज मेहर उपअभियंता, जैनेंद्र गंजीर संकुल समन्वयक, नरेश साहू संकुल समन्यवक, नीलमणी चंदेल की टीम स्वच्छता पुरुस्कार के लिये जिन पंचायतों द्वारा आवेदन दिए गए थे। उन पंचायतों में जाकर सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत अमलेश्वर, पतोरा, सेलूद, अचानकपुर, महकाखुर्द, घुघवा(क) पहुंचे। शनिवार को सत्यापन समिति ग्रामकिकिरमेटा, बेल्हारी,बोरवाय,बेलौदी,कौही,असोगा, तरीघाट जाकर पंचायत प्रतिनिधियों एवं समूहों ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सत्यापन किये।

