बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा वित्तीय अनियमितताएं , बर्खास्तगी अटकी कैबिनेट मंत्री का आदेश नहीं मानते अधिकारी

केशव शर्मा,,,,की रिपोर्ट
बालोद / जिले में बाल संरक्षण अधिकारी के पद पर कार्यरत गजानंद साहू द्वारा गत वर्ष वित्तीय मामले में भारी अनियमितता करने की शिकायत क्षेत्रीय लोगों ने की थी । जिसकी जांच संचनालय व सीईओ जिला पंचायत द्वारा की गई थी । शिकायत जांच में सही पाई गई थी । किंतु इनके द्वारा अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए अग्रिम कार्रवाई को रुकवा दिया गया था । जानकारी के अनुसार बाल संरक्षण अधिकारी की संविदा अवधि मार्च 2020 में समाप्त हो चुकी है । इसके बावजूद वह समय-समय पर कार्यालय में अपनी उपस्थिति दे रहे हैं । पुष्ट प्रमाण के बावजूद जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानंद साहू को पद से बर्खास्त नहीं किया जाना संदेहास्पद है । कैबिनेट मंत्री का आदेश नहीं मानते अधिकारी :
विभाग की कैबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया ने भी बाल संरक्षण अधिकारी की सेवाएं समाप्त करने निर्देश दिए थे । जांच में पुष्टि होने के बाद भी जिले के अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए हैं । दो बार जांच होने के बाद फिर से जांच करना संदेश को जन्म देता है । इससे जिले के लोगों में बेहद रोष एवं आक्रोश है । जिले के एक जवाबदार पदाधिकारी ने बाल संरक्षण अधिकारी को पद मुक्त करने मुख्यमंत्री , जिले के प्रभारी मंत्री , विभाग की कैबिनेट मंत्री सहित उच्च अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करने पत्र लिखा है ।

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