पाटन।पैरेंट्स भले ही बच्चे को उंगली पकड़कर चलना सिखाते हों, पर एक शिक्षक उसे ठोकर खाने से पहले ही संभलना सिखाता है…। बच्चे की अच्छी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दुआ करते हैं, जुगाड़ करते हैं, लेकिन एक शिक्षक इन दुआओं में असर लाता है। यही कारण है कि भगवान ने शिक्षक या गुरु को खुद से भी बड़ा दर्जा देने की सीख दी है। गुरु की इसी महिमा के सम्मान में राज्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है।यह सम्मान नवाचारी शिक्षकों को दिया जाता है ,,दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक में इस वर्ष शिक्षादूत पुरुस्कार के लिए प्राथमिक शाला केसरा के अंकेश्वर महिपाल ,खुड़मुड़ी स्कूल के वीरेंद्र साहू और अमलेश्वर प्राथमिक स्कूल के श्रीमती भगवती पटेल का चयन किया गया है,इन शिक्षकों को 5 सितंबर शिक्षक दिवस के दिन सम्मानित किया जाएगा।
नवाचारी गतिविधियों को बढ़ावा देने इनका होगा सम्मान…..

वीरेंद्र साहू,प्राथमिक शाला,खुड़मुड़ी)शासकीय प्राथमिक शाला खुडमुडी़ संकुल केन्द्र तर्रा विकासखंड पाटन जिला दुर्ग (छ. ग.) विरेन्द्र कुमार सहायक शिक्षक LB, विगत 14 वर्षों से कार्यरत हैं पिछले कई सालों से नवोदय काेचिंग व लगातार तीन वर्षों से बच्चों की चयन, आदिवासी बाहुल्य हाेने पालकाें व बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कियातमक अनुसंधान Action recerch किया, समावेशी शिक्षा के तहत CWSN फाउंडेशन काेर्स किया, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, माेबाईल के माघयम से स्मार्ट क्लास का संचालन, अपने आसपास मिलने वाले संसाघनाे से TLM के रूप मे उपयोग कर शिक्षा, कुपोषण से हाेने वाले खतरा व बचाव के बारे में निरंतर प्रयास, गरीब बच्चों को शिक्षा के लिए मदद व प्रोत्साहित करना, विभिन्न मंचाे में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में व संगीत संबंधी जानकारी देना, अभिव्यक्ति कौशल सुविचार भाषयी कौशल व नैतिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना।

अंकेश्वर महिपाल(प्राथमिक शाला दानिपारा केसरा)पाटन विकासखंड के अंतिम छोर में बसे ग्राम केसरा के नवीन प्राथमिक शाला केसरा के सहायक शिक्षक अंकेश्वर प्रसाद महिपाल को उनके नवाचार एवं रचनात्मक कार्य के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के तहत शिक्षा दूत अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। अनकेश्वर महिपाल ने नवाचार के माध्यम से बच्चो के सीखने सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को सरल तरीके से सीखाने का प्रयास किया। सभी विषयों का मॉडल ,टी एल एम का प्रयोग कबाड़ से जुगाड़ करके बच्चो को सीखाने का प्रयास किया। शाला में लैपटॉप, प्रोजेक्टर, के माध्यम से आई सी टी का प्रयोग कर शिक्षण को सरल एवं रूचि कर बनाया । शिक्षा गुणवत्ता अभियान में विद्यालय को ए ग्रेड के साथ शीर्ष स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाया। विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा के साथ-साथ आडंबरवाद एवं अंधविश्वास से भी दूर रहने की शिक्षा देते हैं। शाला के समस्त स्टाफ व पालकों के जन सहयोग से मॉडल शाला विकसित करने में अहम योगदान दिया। जनसमुदाय के सहयोग से शाला को दक्षिण पाटन क्षेत्र ही नही बल्कि पूरे विकासखंड में अलग पहचान बनाया।

भगवती पटेल, प्राथमिक शाला अमलेश्वर–अमलेश्वर प्राथमिक शाला की शिक्षिका श्रीमती भगवती पटेल ने नवाचारी गतिविधियों में खेल खेल में शिक्षा — गणितीय जोड़ , घटाना , गुणा , भाग , पहाड़ा को कंकड़ , पत्थर के माध्यम से बताना । अन्ताक्षरी के द्वारा शब्द बनाना , समानार्थी शब्दों को रुचिपूर्वक बताना, बच्चों की नियमित उपस्थिति हेतु बच्चों का जन्मदिन स्कूल में मनाना , नृत्य , गीत का आयोजन जिससे बच्चे आनन्दपूर्वक सीखे।4.बहुकक्षा शिक्षण — एक साथ सभी कक्षा के बच्चों को स्तर अनुरूप कार्य देकर तथा बच्चों को जिम्मेदारी देकर बहु कक्षा शिक्षण का संचालन . विगत 2005 से लगातार गतिविधि आधारित शिक्षण किया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2016-17 से शिक्षकों को सम्मानित करने हेतु संभाग स्तर पर – शिक्षा श्री( कुल 3 पुरस्कार) जिला स्तल पर- ज्ञानदीप (कुल 3 पुरस्कार) व ब्लॉक स्तर पर- शिक्षादूत ( कुल 3 पुरस्कार) देने की शुरुआत हुई जहाँ शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र व कुछ राशि जिले स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर प्रदान की जाती है।
