पाटन। 30 अगस्त 1930 को आर. आर. बिजौरा के घर ग्राम अटारी में जन्मे लखन लाल बिजौरा बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। पूत के पांव पालने से झलकने लगते हैं, कहावत को चरितार्थ करते हुए लखन लाल ने आरम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त में इलेक्ट्रिकल संकाय में इंजीनियरिंग की शिक्षा जबलपुर से उच्च अंकों के साथ पूरी की।
उन्हे सहायक अभियंता के पद पर तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मंडल में चयन कर लिया गया। उन्हें पदोन्नत कर सम्भागीय अभियंता की महत्वपूर्ण जिम्मेद्दारी देकर विभिन्न स्थानों पर पदस्थ किया गया। उनके कुशल प्रशासन, सत्यनिष्ठ आचरण और कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना की कद्र करते हुए मण्डल प्रशासन द्वारा कर्मशाला सम्भाग भिलाई-3 में उनकी पोस्टिंग की गई। उनके द्वारा अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहकर उस समय जो काम इस अंचल के रहवासियों के लिये कर गये वह चिर स्मरणीय रहेगा। उस काल में न सिर्फ कुर्मी समाज के, न सिर्फ ग्राम अटारी के वरण सम्पूर्ण अंचल के लोगों के जीवनयापन का जरिया अर्थात् अपने क्षेत्राधिकार का सदुपयोग करते हुए मण्डल की सेवा में किसी न किसी पद पर स्थापित किये। उनके द्वारा नियुक्त किये गये लोग अब पावर कम्पनी से अच्छी खासी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
जीर्ण राज वैभव हो जाता
तन भी हो जाता है वृद्ध।
सुजनों का सच्चरित्र जहां में
रहता है चिर काल समृद्ध।।
ऐसे छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र, अटारी की शान, इन्जीनियर लखन लाल बिजौरा की प्रतिमा का निर्माण लखन लाल बिजौरा फैन्स क्लब के सदस्यों द्वारा किया गया। 28 अगस्त 2012 को संपन्न हुए प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में उनके सम्मान में उनके तीन सह पाठी पूर्व सांसद राज्य सभा गोपाल व्यास, तोष पाल धर्मकींकर और हरि श्रीधर सिलेदार को प्रतिमा अनावरण आयोजन में बुलाया गया। सांसद गोपाल व्यास द्वारा अपने मित्र लखन लाल बिजौरा की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस कार्यक्रम में वर्तमान मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल विशिष्ट अतिथि थे।
तब से अब तक प्रति वर्ष बिजौरा फैन्स क्लब के संयोजक दीनानाथ वर्मा और समस्त सदस्यों द्वारा नियत तिथि में गाँव पहुंचकर बिजौरा के सम्मान में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण, उनके सद्गुणों का बखान, वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं।
इस वर्ष विश्व व्यापी महामारी करोना के चलते आस पास रहने वाले फैन्स क्लब के सदस्यों को लेकर संयोजक दीनानाथ वर्मा द्वारा संक्षिप्त कार्यक्रम 28 अगस्त 2020 शुक्रवार को सुबह 10 बजे आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दीनानाथ वर्मा के अतिरिक्त यतीश वर्मा, सतीश वर्मा, कमल नारायण वर्मा, हेम शंकर वर्मा,भूपेश वर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।
