बिलासपुर। हाईकोर्ट में बुधवार को निजी स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस के नाम पर वसूली के विरुद्ध एक और याचिका लगाई गई है। याचिका में कोर्ट के पूर्व में निजी स्कूल सिर्फ छात्रों से ट्यूशन फीस लिए जाने आदेश को और स्पष्ठ करने का आग्रह किया गया है।इसमें कहा गया है कि हाई कोर्ट के ट्यूशन फीस लिए जाने सम्बंधी आदेश की आड़ में निजी स्कूल अभिभावकों को गुमराह करते हुए फीस वसूल रहे है। रायपुर निवासी प्रीति उपाध्याय ने याचिका में कहा है कि निजी स्कूलों की फीस परिभाषित करने और सुनिश्चित करने की जरूरत है। 8 घंटे तक चलने वाली स्कूलों की पढ़ाई को मोबाइल में सिर्फ डेढ़ घंटे में निपटाया जा रहा है। यह छात्रों के भविष्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ है।
असेम्बली,कंप्यूयूटर क्लास,लेबोरेट्री, स्पोर्ट्स, जैसे कई सुविधाओ का लाभ जब छात्र स्कूलों में नही ले पा रहे है तो किस बुनियाद पर स्कूल 100 प्रतिशत फीस वसूल सकते है। कोरोना काल मे सिर्फ स्कूल ही संकट में नही है । पालक भी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लेकिन स्कूल लाभदायी उद्योग जैसे व्यवहार कर रही है।
