? रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
मैनपुर। विकासखंड मुख्यालय गरियाबंद से 27 किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम पंचायत बेगरपाला के आदिम जनजाति बाहुल्य आश्रित ग्राम टीमनपुर मे आर्थिक स्थिति से मजबूर तंगहाली के जिंदगी जीते हुए भूखे मरने की कगार पर पहुंचा आदिम जनजाति रमेश कुमार कमार उम्र 40 वर्ष को कोविड-19 के चलते घर मे छोटे बच्चे को छोड़कर विगत 7 महीनों से कहीं नहीं जाने के कारण आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। एवं उसकी पत्नी वहां का कुछ बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी| किसी माध्यम से जिला अधिकारी महिला बाल विकास के निर्देशानुसार जिला स्तरीय टीम टीमनपुर गांव पहुंच कर गंभीर कुपोषित बालक हेमराम उम्र 2 वर्ष के पिताजी रमेश कुमार कमार से मुलाकात करते हुए पांचो बच्चों की परवरिश व आर्थिक स्थिति का जायजा लिया गया। जिसमें 4 बच्चों को स्वस्थ पाते हुए सबसे छोटा मासूम बच्चा हेमराम उम्र 2 वर्ष को विगत 6 माह पूर्व मां के देहांत हो जाने के कारण देखरेख,खानपान एवं परवरिश सही नहीं होने से गंभीर कुपोषित पाया गया। लेकिन सवाल उठता है संबंधित विभाग के जिम्मेदारों तक गंभीर कुपोषित की जानकारी आज तक क्यों नहीं मिली। जानकारी मिलने से पहले मासूम बच्चा को संबंधित विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ क्यों नहीं दिया गया। कहीं न कहीं शासन प्रशासन के सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। बालक के पिता को गंभीर कुपोषित हेमराम को मातृछाया रायपुर भेजने की सलाह देते हुए उन्हें अपने पांचों बालकों के साथ कल 17जुलाई को बाल कल्याण समिति गरियाबंद में 11:00 बजे उपस्थित होने कहा गया है।जिस पर घर के मुखिया रमेश कुमार तैयार हो गया है। जिला स्ततरीय टीम के द्वारा तत्कालिक आवश्यक राहत राशि दिया गया।

बरसते बारिश में गांव तक पहुंच कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास गरियाबंद श्री चंद्रहास,जिला बाल संरक्षण समिति अनिल द्विवेदी,पर्यवेक्षक श्रीमती रंधिया बंजारे, पीओआईसी फणेंद्र कुमार जाय. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लछन्तीन यादव, साहयिका सावित्रीबाई एवं ग्रामीण मुखिया उपसरपंच रमेश नेताम,रोहिदास यादव, बिसाहू राम नेताम, नरेश कुमार विशेष रूप से शामिल रहे।स्थिति की जानकारी लेने परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास गरियाबंद श्री चंद्रहास,जिला बाल संरक्षण समिति अनिल द्विवेदी,पर्यवेक्षक श्रीमती रंधिया बंजारे, पीओआईसी फणेंद्र कुमार जाय. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लछन्तीन यादव, साहयिका सावित्रीबाई एवं ग्रामीण मुखिया उपसरपंच रमेश नेताम,रोहिदास यादव, बिसाहू राम नेताम, नरेश कुमार विशेष रूप से शामिल रहे।
