खबर,,,,, हेमंत कुमार तिवारी,,,,✍️✍️✍️
पांडुका(राजिम) / वन परिक्षेत्र पाण्डुका अंतर्गत ग्राम तौरेंगा में गुरुवार तड़के सुबह 5:00 बजे लगभग देव पूजा के लिए बांध कर रखे बकरे को तेंदुआ दरवाजे के छेद से घसीट कर पास के झाड़ियों में ले गया। सुबह जब घर वाले उठे तो मुख्य दरवाजा की तरफ खून बिखरे हुए वा बकरे के निशान देखे तो दोनों भाई दौड़े और घसीट कर ले गए तेंदुवा का पीछा कर बकरे के कुछ हिस्से को छुड़ाने में कामयाब रहा ।ग्राम तौरंगा पंचायत के वार्ड नंबर 6 में निवासरत भीखम वा चुम्मन ध्रुव व अपने परिवार के साथ रहते हैं।

आज तड़के सुबह जब बकरे के उसकी जगह पर खूंटी में बंधा नहीं देखा और खून के निशान देखा तो होश उड़ गया समझते देर नहीं लगा, फिर दोनों भाई पीछा किया । तेंदुवा द्वारा बकरा को मार कर रस्सी समेत उठा कर ले गया था। और घर से लगभग 300 मीटर की दूरी पर झाड़ियां में बकरे को बैठकर तेंदुआ खा रहा था। किसी तरह दोनों भाइयों ने हिम्मत जुटाकर बकरे के पैर पकड़कर खींचा जबकि दूसरी तरफ तेंदुआ अपने जबड़े में मृत बकरा को दबाया था।दोनों भाइयों की आगे तेंदुवा ने अपने जबड़े से बकरा को छोड़ा और काफी गुर्राने के बाद वही कही तेंदुवा छुप गया ।

फिर दोनों भाई मृत बकरे को अपने घर ले आया बता दे की ग्राम तौरेगा में इस तरह तेंदुवा के घटना कोई नई बात नहीं है जानकार बताते हैं कि आज भी इस गांव में देर रात को घूमते हुए तेंदुवा दिख जाता है। जो आवारा मवेशी सहित पालतू मवेशी ,कुत्ते ,मुर्गियां जैसे जानवरों को हमेशा से शिकार बनाते आए हैं। और इस तरह घर से खींच कर ले जाने की यह कोई नई घटना नहीं है। गांव जंगल से लगे होने की वजह से जंगली जानवरों का आना-जाना यहां लगा रहता है ।जंगली जानवरों के प्राकृतिक आवास और प्राकृतिक शिकार में इंसानों की दखल वा सिमटते जंगल और पेड़ों की अवैध कटाई इसके मुख्य वजह है ।साथ ही इस घटना से मोहल्ले वासियों और ग्रामीणों में डर का माहौल है

क्योंकि खेत से लगे बाड़ी खलियान में झाड़ियां उग आई है साफ सफाई नहीं होने की वजह से झाड़ियां और खरपतवारों बड़ा रूप ले चुका है जो जंगली जानवरों के छुपने के लिए उपयुक्त बन गया समय रहते अगर इस तेंदुए को यहां से नहीं खदेड़ा गया तो आने वाले दिनों में किसी बड़ी अनहोनी घटना हो सकती है ।

वही मौके पर संबंधित बिटगार्ड को जानकारी दे दिया गया है जो घटना स्थल में पहुंचकर प्रकरण तैयार करने की बात कही।वही किसान भीखम,चुम्मन राम में वन विभाग से उचित मुआवजा की मांग की है। ताकि दूसरा बकरा खरीद कर देव पूजा संपन्न कराया जा सके।
