हरूना धान की कटाई लगभग पूर्ण…धान खरीदी 1नवंबर से करें राज्य सरकार…अशोक साहू

  • परेशान किसान कुशासन का दंश झेलने मजबूर…रश्मि भेदप्रकाश वर्मा

रानीतराई।छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार को अभी से ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए।पूर्व जिप उपाध्यक्ष अशोक साहू ने कहा कि 16 नवंबर से 31 जनवरी तक की धान खरीदी में लक्ष्य के हिसाब से धान खरीदी असम्भव है।उन्होंने 77 दिनों में मात्र 50 कार्यदिवस का आंकड़ा होता है।विगत वर्षों जैसी परेशानी से किसान अभी से चिंचित है।धान खरीदी में देरी या अव्यवस्था का सीधा असर किसानों पर पड़ता है। टोकन नहीं मिलने, खरीदी केंद्रों में भीड़, सर्वर की समस्या, बारदाने की कमी, तौल में देरी तथा धान के उठाव में परेशानी के कारण किसानों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पंजीकृत किसानों का धान निर्धारित समय-सीमा के भीतर खरीदा जाए और किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने से वंचित न होना पड़े।धान खरीदी केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों किसानों की मेहनत और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
जनपद सदस्य रश्मि भेदप्रकाश वर्मा ने भाजपा सरकार का दंश झेलने को मजबूर है किसान।उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि धान खरीदी की अवधि और उपलब्ध कार्यदिवसों की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्था की जाए। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शनिवार को भी खरीदी केंद्र संचालित करने, जरूरत के अनुसार खरीदी अवधि बढ़ाने, पर्याप्त टोकन जारी करने तथा बारदाने, तौल व्यवस्था, हमालों और भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर निर्णय लिया जाए। सर्वर संबंधी तकनीकी समस्याओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाई जाए, ताकि किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें।

जनपद सदस्य दिनेश साहू एवं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने किसानों की ऊपज पैदावार को बेचने की व्यवस्था में नाकामी भाजपा सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सलाह लेने की सीख दी।

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