उतई । प्रिज्म प्राइवेट आईटीआई, महकाखुर्द, उतई में आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष जानकारीपरक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), डुंडेरा, उतई डॉ. विजेयता वर्मा (एम.डी. आयुर्वेद) एवं शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, दुर्ग की आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सरला बांधे (एम.डी. आयुर्वेद) ने अतिथि के रूप में सहभागिता कर आयुर्वेद के सिद्धांतों और पंचकर्म चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
डॉ. विजेयता वर्मा ने बताया कि बेहतर आंत्र स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य एवं समग्र जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, शारीरिक सक्रियता तथा तनाव प्रबंधन को अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में स्वास्थ्यवर्धक आदतों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विजेयता वर्मा ने आयुर्वेद का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि यह चिकित्सा पद्धति स्वास्थ्य संरक्षण, रोगों की रोकथाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर केंद्रित है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग, व्यायाम, पर्याप्त नींद और मानसिक संतुलन को बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया।
डॉ. सरला बांधे (एम.डी. आयुर्वेद) ने पंचकर्म चिकित्सा पद्धति की जानकारी देते हुए इसके उद्देश्य, महत्व तथा आयुर्वेद में इसकी भूमिका से उपस्थितजनों को अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचकर्म सहित किसी भी आयुर्वेदिक उपचार को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। उपचार का निर्धारण व्यक्ति की शारीरिक स्थिति एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने और दैनिक जीवन में स्वास्थ्यवर्धक आदतों को अपनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों को भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की विशेषताओं से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
कार्यक्रम का सफल संचालन आई टी आई विभाग की हितेश्वरी साहू के द्वारा किया गया l
