विशेष TET परीक्षा आयोजित करने फेडरेशन की पहल को मिली सफलता

  • शासन ने वर्ष में न्यूनतम दो बार CBT के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने की दी सहमति

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के साथ स्कूल शिक्षा सचिव की चर्चा के बाद शासन ने सेवारत गैर-TET शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा आयोजित करने के संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के जरिए TET आयोजित करने के प्रस्ताव पर शासन ने सहमति प्रदान की है।

फेडरेशन ने 09 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा सचिव से हुई चर्चा में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति एवं भविष्य से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हुए विशेष TET परीक्षा शीघ्र आयोजित करने तथा परीक्षा की तिथि, समय-सारणी और पाठ्यक्रम घोषित करने की मांग की थी। फेडरेशन की इस पहल के बाद शासन द्वारा आदेश जारी किया जाना शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण कदम है।

वर्ष में न्यूनतम दो बार होगी परीक्षा

शासन के आदेश में लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए निर्देशित किया गया है कि सेवारत गैर-TET शासकीय शिक्षकों के लिए निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के जरिए वर्ष में न्यूनतम दो बार TET परीक्षा आयोजित करना सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा एक से अधिक पालियों में आयोजित होने पर सभी पालियों के प्रश्नपत्रों का स्तर समान रखा जाएगा।

उत्तीर्ण शिक्षकों को मिलेगा प्रमाण-पत्र

आदेश के अनुसार, परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर द्वारा प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

फेडरेशन ने शासन के निर्णय का स्वागत किया

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि फेडरेशन लगातार शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और भविष्य से जुड़े विषयों पर शासन का ध्यान आकर्षित करता रहा है। विशेष TET परीक्षा के आयोजन के संबंध में शासन की सहमति से शिक्षकों के बीच व्याप्त असमंजस दूर करने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है।

उन्होंने कहा कि फेडरेशन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अब शासन से अपेक्षा है कि परीक्षा की तिथि, समय-सारणी एवं पाठ्यक्रम भी शीघ्र घोषित किए जाएं तथा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाए।

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