पोड़ के मां शीतला मंदिर में प्रज्वलित हुईं 88 मनोकामना ज्योति, गांव गांव विराजे,,, मां दुर्गा,,, भक्तिमय हुआ अंचल का माहौल,,,,,

खबर हेमंत कुमार तिवारी,,,,,,,,

पांडुका / ग्राम पोड़ में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी मां शीतला मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ 88 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की गई। जय मां शीतला सेवा समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक आयोजन से पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। मां शीतला के प्रति ग्रामीणों की अटूट आस्था और विश्वास इस आयोजन में देखने को मिल रहा है। जय मां शीतला सेवा समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से प्रतिवर्ष की परंपरा इस वर्ष भी निभाई गई।मां शीतला मंदिर में मनोकामना ज्योति प्रज्वलित करने की परंपरा वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बनी हुई है। प्रतिवर्ष बड़ी श्रद्धा के साथ भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और गांव की खुशहाली की कामना करते हुए माता के दरबार में ज्योति प्रज्वलित करते हैं।

इस वर्ष भी 88 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं ने माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।मंदिर परिसर में प्रज्वलित ज्योतियों से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो रहा है। श्रद्धालु मां शीतला के दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। धार्मिक आयोजन गांव की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।समिति एवं ग्रामवासियों का सराहनीय सहयोगइस आयोजन को सफल बनाने में जय मां शीतला सेवा समिति तथा समस्त ग्रामवासियों का सहयोग सराहनीय रहा। ग्रामीणों की सहभागिता से यह धार्मिक परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। ऐसे आयोजन न केवल लोगों की धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि गांव में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।मां शीतला के दरबार में प्रज्वलित 88 मनोकामना ज्योति ग्राम पोड़ की धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक है। श्रद्धालुओं को विश्वास है कि मां शीतला सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखेंगी तथा सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करेंगी।जय मां शीतला सेवा समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम ग्राम पोड़ की आस्था और श्रद्धा को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। माता रानी के जयकारों और भक्तिभाव के बीच गांव का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *