- तांदुला डेम में पर्याप्त पानी होने के बावजूद टेल एरिया के किसान परेशान, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धरना देने की भी चेतावनी
पाटन/रानीतराई। सिपकोंहा माइनर के टेल एरिया में पर्याप्त नहर पानी नहीं मिलने से दक्षिण पाटन अंचल के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खेतों तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से नाराज किसानों ने अब आंदोलन का ऐलान किया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 अक्टूबर गुरुवार तक खेतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा, तो 16 अक्टूबर शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान रानीतराई सिंचाई विश्राम गृह का घेराव करेंगे। इसके बाद दुर्ग जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना देने की भी तैयारी है।
किसानों के अनुसार, सोमवार 12 अक्टूबर को सिपकोंहा माइनर के टेल एरिया में पर्याप्त पानी नहीं मिलने की समस्या को लेकर किसानों ने रानीतराई सिंचाई विश्राम गृह पहुंचकर कार्यालय का घेराव किया था। इस दौरान नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह को जिला कलेक्टर दुर्ग के नाम आवेदन सौंपकर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। अधिकारियों ने नहर नाली में तकनीकी खराबी और मरम्मत का हवाला देते हुए दो दिनों के भीतर पर्याप्त पानी मिलने का आश्वासन दिया था। किसानों ने भी आश्वासन के अनुरूप पानी पहुंचने का इंतजार किया, लेकिन अब तक पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
कई गांवों के किसान होंगे आंदोलन में शामिल
सिपकोंहा माइनर के टेल एरिया में आने वाले असोगा, कौही, रानीतराई, डीघारी, खपरी, चूलगहन, झाड़मोखली, रेंगाकठेरा, पाहंदा सहित आसपास के गांवों के किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि फसल को इस समय सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना जरूरी है।
अंतिम पानी के लिए हर बार करना पड़ता है संघर्ष
किसान नेता धनराज साहू ने कहा कि सिपकोंहा माइनर के टेल एरिया यानी दक्षिण पाटन अंचल के किसानों को हर बार सिंचाई के अंतिम पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस बार भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि तांदुला डेम में पर्याप्त पानी होने के बावजूद किसानों को अपने खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है।
धनराज साहू ने कहा कि अंचल के किसानों का सब्र अब टूटने लगा है। किसान अपनी फसल बचाने और अपने अधिकार का नहर पानी लेने के लिए सड़क पर उतरने को तैयार हैं। यदि तय समय तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा, तो 16 अक्टूबर को किसान एकजुट होकर आंदोलन करेंगे और अपनी मांग प्रशासन के सामने रखेंगे।
