- सरपंच के जेल में निरुद्ध होने के बाद भी नहीं हुई वैकल्पिक व्यवस्था, प्रतिवेदन में देरी से पंचायत का कामकाज प्रभावित होने की आशंका
पाटन। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत अचानकपुर पिछले एक महीने से सरपंच विहीन है। सरपंच के जेल में निरुद्ध होने के बाद भी पंचायत में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाने से प्रशासनिक कार्यवाही पर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत अचानकपुर के सरपंच को 16 सितंबर से सतनामी समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में जेल में निरुद्ध किया गया है। सरपंच के जेल जाने के बाद पंचायत सचिव द्वारा 21 सितंबर को जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को इसकी लिखित सूचना भी दी जा चुकी है।
इधर, पंचायत के पंचगणों ने पंचायत का संचालन सुचारु रूप से जारी रखने के लिए सरपंच को निलंबित कर कार्यवाहक सरपंच नियुक्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में एसडीएम पाटन और जनपद पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीएम पाटन ने मामले में प्रकरण दर्ज कर थाना उतई और जनपद पंचायत सीईओ को 12 अक्टूबर तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, 13 अक्टूबर तक संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पंचायत में वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
एक महीने बाद भी समाधान नहीं…
सरपंच के जेल में निरुद्ध होने की सूचना और पंचगणों की मांग के बावजूद अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के सामने अब यह सवाल है कि आखिर अचानकपुर ग्राम पंचायत में नियमित कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन कब तक निर्णय लेगा।
ग्रामीणों और पंचों का कहना है कि विभिन्न शासकीय दस्तावेजों एवं पंचायत संबंधी कार्यों में सरपंच के हस्ताक्षर की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में सरपंच के अनुपस्थित रहने और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से पंचायत के कामकाज में परेशानी होने की आशंका है। वर्तमान में नवरात्रि और दशहरा जैसे प्रमुख पर्व चल रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच नहीं होने से गांव की व्यवस्थाओं और आवश्यक कार्यों के संचालन में भी दिक्कतें आ रही हैं। पंचों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि पंचायत का कामकाज सुचारु रूप से संचालित हो सके।
अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
इस संबंध में जनपद पंचायत पाटन के सीईओ से मोबाइल फोन पर संपर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। वहीं, एसडीएम पाटन से जानकारी लेने के लिए संपर्क करने पर उनके टीएल बैठक में होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्हें मैसेज के माध्यम से भी मामले की जानकारी देकर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से भी कोई जवाब नहीं मिला।
