नवरात्रि के पहले दिन तरीघाट में स्वच्छता का शंखनाद, 50 से अधिक महिलाओं ने संभाली कमान

  • सरपंच चंद्रिका साहू के नेतृत्व में मंदिरों, नालियों और चौक-चौराहों पर चला सफाई अभियान, स्वच्छ गांव का दिया संदेश

पाटन। नवरात्रि के पहले दिन पुरातात्विक गांव तरीघाट में आस्था के साथ स्वच्छता का संदेश भी देखने को मिला। सरपंच चंद्रिका साहू के नेतृत्व में 50 से अधिक महिलाओं ने गांव में सफाई अभियान चलाकर मंदिरों, नालियों और प्रमुख चौक-चौराहों की साफ-सफाई की। लगातार बारिश के बाद प्रभावित हुई सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।


अभियान के तहत मां महामाया देवी मंदिर परिसर, शीतला मंदिर और भाटापारा स्थित दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई। नवरात्रि के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं ने नालियों और चौक-चौराहों की सफाई कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
महिलाओं की भागीदारी बनी अभियान की ताकत
सफाई अभियान की खास बात 50 से अधिक महिलाओं की सामूहिक भागीदारी रही। महिलाओं ने एकजुट होकर गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में पहल की। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल घरों और मंदिरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी है।

सरपंच चंद्रिका साहू ने कहा कि गांव को साफ-सुथरा रखना केवल पंचायत की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण का कर्तव्य है। उन्होंने बारिश के बाद सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान विशेष सफाई के साथ दैनिक जीवन में भी स्वच्छता की आदत अपनानी चाहिए।
त्योहारों तक सीमित न रहे स्वच्छता अभियान
तरीघाट में नवरात्रि के पहले दिन शुरू हुई यह पहल धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देती नजर आई। गांव को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नालियों की नियमित सफाई, कचरे का उचित निपटान और सार्वजनिक स्थलों की देखरेख जरूरी है। इसके लिए पंचायत के साथ ग्रामीणों की निरंतर भागीदारी भी आवश्यक है।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सरपंच के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित किया। ग्रामीणों के सहयोग से ऐसी पहल नियमित रूप से जारी रहे तो गांव को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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