16 जिलों के हितग्राही आधुनिक तकनीक सीखने बड़ोदरा रवाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड द्वारा हितग्राहियों के कौशल विकास एवं तेलघानी व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरराज्यीय अध्ययन भ्रमण का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 16 जिलों के हितग्राही बस के माध्यम से गुजरात के बड़ोदरा के लिए रवाना हुए। हितग्राहियों के दल को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू एवं छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू ने रायपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कौशल विकास एवं अंतरराज्यीय अध्ययन भ्रमण से हितग्राहियों को अन्य राज्यों में तेलघानी व्यवसाय के क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, विपणन और व्यवसाय संचालन की नई जानकारी प्राप्त होगी। गुजरात में तेलघानी क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और नवाचारों को नजदीक से समझने का अवसर हितग्राहियों को मिलेगा, जिसका उपयोग वे छत्तीसगढ़ लौटकर अपने व्यवसाय में कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तेलघानी क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाकर प्रदेश को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। इससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा तेलघानी व्यवसाय से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
अंतरराज्यीय भ्रमण में दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, बस्तर, कांकेर (उत्तर बस्तर), सुकमा, धमतरी, कोरबा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, दंतेवाड़ा, कबीरधाम एवं नगरी सहित विभिन्न जिलों के हितग्राही शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान तेलघानी विकास बोर्ड, रायपुर के सचिव अमित श्रीवास्तव ने कहा कि तेलघानी व्यवसाय से जुड़े लघु उद्यमियों तथा तिलहन उत्पादक कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना बोर्ड का प्रमुख उद्देश्य है। हितग्राहियों को प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और बेहतर व्यवसायिक पद्धतियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अध्ययन भ्रमण के दौरान हितग्राही तेलघानी उद्योग से संबंधित आधुनिक मशीनरी, तेल निष्कर्षण तकनीक, तिलहन प्रसंस्करण, गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन व्यवस्था जैसी गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। इससे प्राप्त अनुभवों का उपयोग छत्तीसगढ़ में तेलघानी व्यवसाय को व्यवस्थित एवं आधुनिक रूप देने में किया जा सकेगा।
