पाटन। खुले में घूमने वाले मवेशियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने की समस्या को लेकर रानीतराई क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान गुरुवार को मवेशियों को लेकर पाटन की ओर रवाना हुए। किसानों का उद्देश्य मवेशियों को एसडीएम एवं तहसील कार्यालय पहुंचाकर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था।
किसानों के पाटन पहुंचने की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम तेलीगुंडरा के पास उन्हें रोककर किसानों से चर्चा की। मौके पर एसडीएम उत्तम ध्रुव, तहसीलदार मनोज गुप्ता, नायब तहसीलदार मनोज रस्तोगी, जनपद पंचायत के सीईओ महेंद्र जांगड़े सहित पाटन और रानीतराई थाना पुलिस का बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने किसानों की समस्या सुनी और मवेशियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन द्वारा मवेशियों को गौशाला भेजने की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।
पाटन के किसानों और रानीतराई क्षेत्र के किसानों में बनी टकराव की स्थिति
इधर, पाटन नगर पंचायत अध्यक्ष निक्की भाले, पार्षदों और पाटन क्षेत्र के कुछ किसान भी तेलीगुंडरा पहुंचे। उनका कहना था कि नगर पंचायत क्षेत्र में भी बाहर से मवेशियों को लाकर छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय किसानों और नागरिकों को परेशानी हो रही है।
इस दौरान दोनों क्षेत्रों के किसानों के बीच अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर बहस की स्थिति बनी। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला तथा दोनों पक्षों से चर्चा की। इसके बाद मामला शांत हुआ।
किसानों ने खुले में घूमने वाले मवेशियों से फसलों को हो रहे नुकसान की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों से मवेशियों को एक-दूसरे के गांवों अथवा नगर क्षेत्र में छोड़े जाने को लेकर भी प्रशासन से प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग उठी है। प्रशासन द्वारा मामले में समन्वय के साथ समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
मवेशियों की समस्या को लेकर किसान मवेशियों सहित पाटन की ओर निकले, तेलीगुंडरा में प्रशासन ने रोका
