पाटन। जनपद पंचायत पाटन के बहुचर्चित ग्राम पंचायत अचानकपुर में सरपंच के न्यायिक अभिरक्षा में होने के बाद पंचायत संचालन को लेकर पंचों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्राम पंचायत के नौ पंचों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) पाटन को ज्ञापन सौंपकर सरपंच देवानंद साहू को निलंबित करने तथा पंचायत के सुचारू संचालन के लिए कार्यवाहक सरपंच नियुक्त करने की मांग की है।
पंचों ने ज्ञापन में बताया कि सरपंच देवानंद साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज है। उन पर सतनामी समाज के संबंध में कथित अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। पंचों के अनुसार, विशेष थाना दुर्ग की पुलिस ने 16 सितंबर को सरपंच को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह केंद्रीय जेल दुर्ग में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
पंचों ने अपने ज्ञापन में पंचायत राज अधिनियम की धारा 39(1) का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई सरपंच 24 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहता है तो उसके पद से संबंधित वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है। लंबे समय से सरपंच के अनुपस्थित रहने के कारण ग्राम पंचायत के कामकाज प्रभावित होने की बात कहते हुए पंचों ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि विशेष न्यायालय द्वारा सरपंच की याचिका खारिज की जा चुकी है। वहीं, उच्च न्यायालय बिलासपुर में जमानत याचिका की सुनवाई में समय लगने की संभावना को देखते हुए पंचों ने पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए कार्यवाहक सरपंच नियुक्त करने की मांग की है।
पंचों का कहना है कि सरपंच के जेल में होने के कारण ग्राम पंचायत के दैनिक एवं विकास कार्यों के संचालन में समस्या उत्पन्न हो रही है। इसलिए नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करते हुए कार्यवाहक सरपंच की व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में सुखी निर्मल, टामन, उर्वशी साहू, गायत्री यादव, कमलेश्वरी साहू, ओमकुमारी, मैना साहू, भारती साहू और मनोज साहू शामिल हैं।
इधर, पंचायत सचिव कल्याणी बंजारे ने भी सरपंच के जेल जाने की लिखित सूचना जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिए जाने की जानकारी दी है।
