बस्तर के बाद अब दुर्ग संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों की लगी ‘पाठशाला’
मिशन 2028 फतह करने के लिए कड़े अनुशासन और ‘नो-फोन ज़ोन’ के बीच तैयार हो रही है कांग्रेस की नई ब्रिगेड
संगठनात्मक मजबूती, बूथ मैनेजमेंट और डिजिटल नेटवर्किंग पर केंद्रित रहेगा 72 घंटे का गहन आवासीय शिविर

दुर्ग। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर अभेद्य और चुनावी रूप से बेहद आक्रामक बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत ब्लॉक अध्यक्षों एवं मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण शिविर के द्वितीय चरण का आज दुर्ग संभाग में विधिवत और भव्य शुभारंभ हो गया है। बस्तर संभाग (जगदलपुर) में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के बाद, 05 सितंबर से दुर्ग संभाग के पुलगांव दुर्ग में स्थित 36 फोर्ट में संभाग के सभी ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स के लिए तीन दिवसीय आवासीय महापाठशाला की शुरुआत की गई है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगीत के साथ इस विशेष शिविर का आगाज हुआ। बस्तर की ही तरह इस शिविर को भी पूरी तरह ‘नो-फोन ज़ोन’ रखा गया है, जहां शिविर स्थल में प्रवेश के साथ ही सभी पदाधिकारियों और ब्लॉक अध्यक्षों के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बिना किसी बाहरी भटकाव के पूरे 72 घंटे केवल वैचारिक मजबूती, संगठन विस्तार और आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना है।
दुर्ग संभाग संगठन का अभेद्य किला है दुर्ग
बस्तर में प्रशिक्षण शिविर के बाद आज से दुर्ग संभाग की बारी है। दुर्ग संभाग हमेशा से राजनीतिक रूप से बेहद सजग और निर्णायक रहा है। यहां के ब्लॉक अध्यक्ष संगठन की असली ताकत हैं। अगले तीन दिनों में इन्हें वो गुर सिखाए जाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और वादों की हवा हर गांव और हर बूथ पर निकाली जा सके। 2028 में कांग्रेस की वापसी का रास्ता दुर्ग संभाग से होकर ही मजबूत होगा ऐसा माना जा रहा है।”
वरिष्ठ नेताओं का मिलेगा मार्गदर्शन, सीखे जाएंगे आधुनिक चुनावी गुर
आज से शुरू हुए इस तीन दिवसीय आवासीय शिविर में प्रदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, पूर्व केबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे, ताम्रध्वज साहू, मोहम्मद अकबर, अनिला भेड़िया, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा, सहप्रभारी संपत कुमार, विजय जांगिड़, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैन्दू , पूर्व विधायक अरुण वोरा, विधायक कुंवर सिंह निषाद, भोलाराम साहू, हर्षिता बघेल, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, गुरुदयाल बंजारे, विशेष रूप से मौजूद रहे जो ओराशिक्षण के दौरान अपना अनुभव साझा करेंगे।
इस दौरान ब्लॉक अध्यक्षों को आधुनिक और पारंपरिक दोनों ही स्तरों पर प्रशिक्षित करने के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं, जिनमें हर पोलिंग बूथ पर मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं की टोली खड़ी करना, डिजिटल युग में भाजपा के भ्रामक प्रचार का तुरंत और तार्किक जवाब देना, स्थानीय समस्याओं, युवाओं के रोजगार और किसानों के मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी पैठ बढ़ाना।
संभाग से बूथ स्तर तक पहुंचेगा यह कारवां
कांग्रेस की इस दूरगामी रणनीति के तहत दुर्ग संभाग के इस शिविर में प्रशिक्षित होने वाले ब्लॉक अध्यक्ष आगे चलकर अपने-अपने क्षेत्रों में ‘मास्टर ट्रेनर’ की भूमिका निभाएंगे। संभाग स्तर का यह प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद ये पदाधिकारी जिला, ब्लॉक, मंडल और अंततः बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को ठीक इसी प्रकार अनुशासित ढंग से प्रशिक्षित करेंगे।
शिविर के सफल संचालन की जिम्मेदारी तीनो जिलाध्यक्ष पर
संभाग में आयोजित इस महत्वपूर्ण तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने के लिए दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर एवं भिलाई नगर कांग्रेस संगठन पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है। कार्यक्रम की व्यापक तैयारियों की जिम्मेदारी जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के जिलाध्यक्ष श्री राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री धीरज बाकलीवाल एवं भिलाई नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में कांग्रेसजनों द्वारा संभाली जा रही है।
शिविर के आयोजन से लेकर प्रतिभागियों के आवास, भोजन, प्रशिक्षण व्यवस्था, बैठक एवं संवाद सत्रों की तैयारियों, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं तथा विभिन्न स्तरों पर समन्वय सहित प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू पर तीनों अध्यक्ष लगातार नजर बनाए हुए हैं। तीनों जिला अध्यक्ष स्वयं कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं, ताकि तीन दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर को दुर्ग संभाग में संगठन को नई दिशा और मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। ऐसे में पूरे प्रशिक्षण शिविर को सफलतापूर्वक संचालित कराने का बड़ा दारोमदार तीनों जिला कांग्रेस अध्यक्षों के कंधों पर है।
