पाटन। सरकारी योजनाओं में रिकॉर्ड दुरुस्त रखने और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने के प्रशासनिक दावों के बीच पाटन नगर पंचायत से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 86 वर्षीय जीवित बुजुर्ग छोटे लाल देवांगन को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया, जिसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई।

प्राप्त शपथ पत्र के अनुसार वार्ड क्रमांक 11, महादेव चौक पाटन निवासी छोटे लाल देवांगन, पिता स्व. रूपचंद देवांगन ने 29 जुलाई 2024 को नोटरी के समक्ष शपथ पत्र प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि वे जीवित हैं और उन्हें पूर्व में नगर पंचायत पाटन से वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त हो रही थी। उनका कहना है कि पेंशन सूची में त्रुटिवश उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है।
सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज किए जाने के बाद पेंशन बंद होने से बुजुर्ग को अपनी जीवित होने का प्रमाण देने के लिए शपथ पत्र तक प्रस्तुत करना पड़ा। यह मामला सामने आने के बाद सरकारी रिकॉर्ड के सत्यापन और पेंशन व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

रिकॉर्ड में जीवित व्यक्ति को मृत दर्ज करने वाला कौन?
मामला केवल एक हितग्राही की पेंशन बंद होने तक सीमित नहीं है। इससे यह सवाल भी उठता है कि आखिर किस आधार पर एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया? पेंशन सूची तैयार करने से पहले हितग्राहियों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है या नहीं? यदि सत्यापन किया जाता है तो इतनी बड़ी त्रुटि कैसे हुई?
वहीं, रिकॉर्ड में हुई गलती के कारण बुजुर्ग को पेंशन से वंचित रहना पड़ा तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है।
प्रशासन को मामले की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि बुजुर्ग को मृत दर्ज करने की त्रुटि किस स्तर पर हुई। साथ ही संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए पेंशन तत्काल बहाल करने और रोकी गई पेंशन की राशि का नियमानुसार भुगतान कराने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर देना महज कागजी त्रुटि नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड के सत्यापन और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला है।
वर्जन…..
नगर पंचायत पाटन के सीएमओ हेमंत वर्मा ने बताया कि यह जिले के पेंशन शाखा की त्रुटि है। त्रुटि सुधारने के लिए नगर पंचायत की ओर से पत्र भेजकर पेंशन शाखा को सुधार करने कहा गया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कलेक्टर की अध्यक्षता में होने वाली जिले की बैठक में भी इस मुद्दे को रखा है। कलेक्टर ने पेंशन विभाग को जल्द से जल्द त्रुटि सुधारने के निर्देश दिए हैं।
