जतमई मंदिर के पास सड़क पर बिखरे डामर आइल से कई राहगीर गिर के हुए चोटिल,,,,,, निर्माण कंपनी की घोर लापरवाही आई सामने ,,,

खबर हेमंत तिवारी,,,,

पाण्डुका/जतमई मंदिर प्रांगण के अंतर्गत बड़े पार्किंग के पास शनिवार सुबह सड़क पर निर्माण कंपनी की डामर आइल सड़क पर गिरा हुआ था जिसे राहगीर देख नहीं पाया और लगभग 5 से 7 दुपहिया चलाने वाले लोग गिर गए जिसमें बाइक सवार कई लोग चोटिल हो गए। तो वहीं आसपास के दुकानदार और पार्किंग वालों ने लोगों को रोक-रोक कर बताया कि सड़क पर ऑयल बिखरा हुआ है किनारे से जाए

बात कुछ इस तरह है कि एडीबी प्रोजेक्ट के तहत पांडुका से लेकर मुंडागांव तक सड़क निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। तो वही गायडबरी गांव के पास कुछ कार्य बचा हुआ था। जिसे निर्माण कंपनी के लोगों द्वारा वर्तमान में कराया जा रहा है। संभवतः बचे इस कार्य में शुक्रवार को डामरीकरण किया गया

उसके बाद अपने गाड़ीयो को जतमई मंदिर के बड़े पार्किंग में रख दिया गया था। तो वही इन गाड़ियों से आईल धीरे-धीरे बह कर पूरे सड़क में आ गया था ।राहगीरों को पता नहीं चल रहा और लोग धोखा खाकर गिरते हुए चोटिल हो रहे थे शनिवार होने की वजह से जतमई मंदिर के झरना का आनंद लेने रहागीर अपने साधन से पहुंच रहे थे। वहीं कुछ राहगीर जो हमेशा आना-जाना करते हैं उन्हें भी यह पता नहीं चला ऐसे में लगभग चार से पांच बाइक सवार गिर गए किसी के

पैर,मुंह में हाथ में और शरीर के कई हिस्से में चोट लगे हुए थे तो वही निर्माण कंपनी के लोगो को बुलाय जाने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे थे जबकी जानकारी देने के बाद भी जिम्मेदार निर्माण कंपनी के लोग ध्यान ही नहीं दिए किसी तरह जब पहुंचे तो सड़क किनारे के मटेरियल डालकर सुधार का प्रयास किया जो काफी नहीं था। बता दे की जतमई घटारानी मंदिर में भारी भीड़ भाड़ चल रहा है

और इस तरह के लापरवाही से हादसा होना इस बात का संकेत है कि ना तो जतमई सेवा समिति में कोई जिम्मेदार है।न ही अंचल में कोई जनप्रतिनिधि और न ही कोई जिला प्रशासन में ,,अब जब बारिश के सीजन में भारी संख्या में जब लोग माता के दर्शन एवं झरना का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।तो इस प्रकार की घोर लापरवाही है । जहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होना अपने आप में एक बड़ा सवाल है। इस घटना के बारे में राहगीर राम किशोर निवासी ग्राम खैरझीटी ने बताया कि मैं पास के गांव जा रहा था।मुझे पता नहीं चला जब फिसलकर गिरा तब पता चला कि सड़क में आइल गिरा है।किस्मत अच्छा था। कि नाली के किनारे कंक्रीट में सर नहीं पड़ा नहीं तो फट जाता ।और यहां आसपास कोई बताने वाले भी नहीं थे।

और तरह की घटना जिम्मेदारों की गैर जिम्मेदाराना हरकत को बया करता है। और दर्शाता है। कि राहगीर और दर्शनार्थी अपनी सुरक्षा खुद करे।सेवा समिति और प्रशासन के भरोसे न बैठे रहे। वही इस बारे में निर्माण कम्पनी के कर्मचारी छबि साहू को इस बारे में जानकारी लेने दो बार फोन किया गया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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