पाटन। क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने करगा मुक्त धान की रोपाई करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में बोया गया बीज अत्यधिक पानी के कारण या तो सड़ गया है अथवा बह गया है। इससे किसानों के सामने दोबारा बीज की व्यवस्था करने की समस्या खड़ी हो गई है।
गौरतलब है कि करगा मुक्त धान का बीज लगभग 7,500 रुपये प्रति 10 किलोग्राम की दर से खरीदा जाता है, जो लगभग एक एकड़ के लिए पर्याप्त होता है। महंगा बीज खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्राम देवादा के किसान राजेंद्र वर्मा ने बताया कि नुकसान के बाद जब उन्होंने क्षेत्र की कई कृषि बीज दुकानों में करगा मुक्त धान का बीज उपलब्धता के बारे में जानकारी ली, तो अधिकांश दुकानदारों ने बीज उपलब्ध नहीं होने की बात कही। ऐसे में किसानों के सामने दोहरी समस्या खड़ी हो गई है—एक ओर महंगा बीज बारिश में नष्ट हो गया, वहीं दूसरी ओर दोबारा बुवाई के लिए बाजार में बीज भी नहीं मिल रहा है।
किसानों ने कृषि विभाग और प्रशासन से शीघ्र करगा मुक्त धान बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
