पाटन। पाटन विकासखंड के ग्राम अरसनारा निवासी पूर्व सैनिक एवं किसान महेन्द्र कुमार साहू ने भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित अपनी भूमि का मुआवजा नहीं मिलने पर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी जमीन पर बनी सड़क को खोदकर पुनः खेती शुरू करेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम अरसनारा निवासी महेन्द्र कुमार साहू की भूमि खसरा क्रमांक 808/2 एवं 808/3 को वर्ष 2019 में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित किया गया था। आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के बाद संबंधित भूमि पर सिक्स लेन सड़क का निर्माण कर दिया गया, लेकिन आज तक उन्हें भूमि का मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है।
पूर्व सैनिक महेन्द्र साहू का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय एवं संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। लगातार प्रयासों के बावजूद मुआवजा राशि नहीं मिलने से वे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
इसी संबंध में उन्होंने पाटन एसडीएम को आवेदन सौंपते हुए मांग की है कि भारतमाला परियोजना से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर शीघ्र मुआवजा दिलाया जाए। आवेदन में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि यदि एक माह के भीतर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो वे अपनी भूमि पर निर्मित सड़क को गड्ढा खोदकर पुनः खेती कार्य शुरू करेंगे।
पूर्व सैनिक ने यह भी कहा है कि सूचना देने के बावजूद यदि प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो इसके लिए संपूर्ण जवाबदेही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों, विशेषकर पाटन एसडीएम की होगी।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बाद वर्षों तक मुआवजा लंबित रहना किसानों के साथ अन्याय है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।
