पाटन। तहसील पाटन के ग्राम सोरम स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में कीड़ेयुक्त चावल वितरण का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राशन दुकान से दिए जा रहे चावल में सैकड़ों की संख्या में जीवित कीड़े पाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि चावल की बोरियों में बड़ी संख्या में कीड़े रेंगते दिखाई दे रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। उनका आरोप है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पुराने और खराब गुणवत्ता वाले चावल का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण एवं कीट नियंत्रण के लिए शासन द्वारा व्यवस्था और बजट उपलब्ध कराया जाता है, इसके बावजूद ऐसी स्थिति चिंताजनक है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में शिकायत करने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के बजाय पंचनामा बनाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया गया। इससे लोगों में असंतोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की है कि चावल की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सरकार गरीब परिवारों को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए भारी राशि खर्च करती है, ऐसे में कीड़ेयुक्त चावल का वितरण गंभीर लापरवाही का मामला है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
