पाटन। ग्राम पंचायत सेलूद की शासकीय उचित मूल्य दुकान में वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने सरपंच खिलेश मारकंडे को शिकायत करते हुए बताया कि राशन दुकान से दिए जा रहे चावल की बोरियों में काले रंग के छोटे-छोटे कीड़े और इल्लियां पाई जा रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एफसीआई से पुराने और खराब गुणवत्ता वाले चावल का वितरण किया जा रहा है। चावल की बोरियों में बड़ी संख्या में कीड़े रेंगते दिखाई देने से लोगों ने इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है।
इस मामले पर सरपंच खिलेश मारकंडे ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि गरीब परिवारों को मिलने वाले सरकारी राशन की ऐसी स्थिति बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासकीय उचित मूल्य दुकान से वितरित किया जा रहा चावल न केवल घटिया गुणवत्ता का है, बल्कि उपभोग के लिए भी अनुपयुक्त प्रतीत हो रहा है।
सरपंच ने मांग की कि कीड़ेयुक्त चावल के पूरे स्टॉक को तत्काल वापस लेकर गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही साफ एवं गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध नहीं कराया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं ग्रामीणों ने भी खाद्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
घटना के बाद से क्षेत्र के उपभोक्ताओं में राशन व्यवस्था को लेकर आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि गोदामों से राशन दुकानों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की नियमित गुणवत्ता जांच नहीं होने के कारण इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
सेलूद के राशन दुकान में कीड़ेयुक्त चावल वितरण पर बवाल, सरपंच खिलेश मारकंडे ने कहा दोषियों पर हो कारवाही
