खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,,✍️✍️
राजिम / यह कैसा कार्यवाही है जिसमें कभी भी रेत चोरों का नाम सार्वजनिक नहीं होता,ऐसे में कार्यवाही करने का मतलब ही क्या है।सब को पता है । अवैध रेत खनन का कारोबार कैसे किया जाता है। ऐसे में यह कार्यवाही एक बार फिर केवल दिखावा और खानापूर्ति तक सीमित रहने वाला है क्यों कि यहां इस जगह पर अवैध खनन महीनों से बिना किसी परमिश के बेरोकटोक चल रहा है तब क्या सोया था।विभाग अब जब फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का ख्याल आया तब नींद से जागा,क्या,अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग ने की कार्यवाही कर अपनी मौजूदगी दिखाई है। ऐसे में तो पता ही नहीं चलता कि जिले में एक ऐसा भी विभाग है। जिसको अवैध खनन पर कार्यवाही करना है। इस बार एक चैनमाउंटेन मशीन और एक हाइवा वाहन को जप्त किया है।

और यह तब हुआ जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश जो कि 9 जून से 15 अक्टूबर तक खनन बंद रहने का आया है।पर क्या गरियाबंद जिले के चल रहे। अवैध सभी रेत,मुरूम खदान में नियम लागू होगा कि केवल एक पर कार्रवाई कर नियमों की अनदेखी किया जाएगा। पर जब यह आदेश 9 जून को जारी हुआ है तो आज 4 दिन बीत गया।तब कैसे याद आ गया ।बावजूद इसके अभी भी दिन रात रेत माफिया जिले के पैरी नदी, महानदी, सूखा नदी वा सरगी नदी में सक्रिय है।जो 24 घंटे दिन रात धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे हैं। धर्म नगरी राजिम से लगे ग्राम पंचायत चौबेबाँधा और ग्राम पंचायत सिंधौरी में यह कार्यवाही हुई है जो किसी के गले नहीं उतर रहा है। पर यह रेत खनन कौन करवा रहा था इसका कही भी जिक्र नहीं है। केवल मशीनों और हाइवा गाड़ियों पर कार्यवाही की जाती है। पर रेत चोरों के नाम कभी सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता। और यह कार्यवाही गरियाबंद कलेक्टर बी एस उईके के निर्देश पर खनिज विभाग और राजिम थाना पुलिस के संयुक्त कार्यवाही में यह बड़ी सफलता मानी जा रही है।
