शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर मांगा जवाब, अधिकारियों से समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने की मांग
पाटन। जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य सभा की बैठक में जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने पाटन विकासखंड की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से उठाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास केवल फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक दिखाई देना चाहिए।
जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष होने के नाते श्रीमती कीर्ति नायक ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को मजबूती से सदन के सामने रखते हुए अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता ने अपनी आवाज बनने के लिए चुना है और जनता की समस्याओं को हर मंच पर प्रमुखता से उठाना उनका दायित्व है।
बैठक के दौरान श्रीमती नायक ने शिक्षा विभाग से सवाल किया कि पाटन क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की वर्तमान स्थिति क्या है तथा इन समस्याओं के समाधान के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक विद्यालय आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में संचालित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट एवं समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान श्रीमती कीर्ति नायक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों एवं अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दवा, जांच, एम्बुलेंस एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत जानकारी मांगी तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी, मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा भी की।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए श्रीमती नायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की समस्या को गंभीर विषय बताते हुए खराब हैंडपंपों, बंद नल-जल योजनाओं एवं जल संकट से प्रभावित गांवों की स्थिति पर विभाग से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और किसी भी गांव को पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता से वंचित नहीं रहने दिया जा सकता। उन्होंने विभाग से सभी गांवों में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
सामान्य सभा में श्रीमती कीर्ति नायक ने स्पष्ट कहा कि जनता के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आम जनता तक पहुंचे।
बैठक में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को सदन के सदस्यों ने भी गंभीरता से लिया। श्रीमती नायक ने कहा कि जनपद पंचायत पाटन क्षेत्र के विकास, बेहतर शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुचारू पेयजल व्यवस्था के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी तथा जनता की आवाज को हर स्तर पर मजबूती से उठाया जाता रहेगा।
