दुर्ग। दुर्ग पुलिस द्वारा अवैध मादक एवं प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना अंडा पुलिस एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम कुथरेल एवं अंडा क्षेत्र में संचालित दो अवैध गुटका निर्माण एवं पैकेजिंग इकाइयों पर छापा मारकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना अंडा क्षेत्र में बिना वैधानिक अनुमति के गुटका निर्माण और पैकेजिंग का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने दबिश देकर मौके से भारी मात्रा में गुटका निर्माण में प्रयुक्त कच्चा माल, रसायन, मशीनें, पैकेजिंग सामग्री तथा तैयार एवं अर्द्धनिर्मित उत्पाद बरामद किए।
प्रारंभिक जांच में अवैध रूप से गुटका निर्माण एवं पैकेजिंग किए जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने समस्त सामग्री जब्त कर ली। मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना अंडा में अपराध क्रमांक 63/2026 एवं 64/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से गुटका निर्माण एवं पैकेजिंग का कारोबार चला रहे थे। गिरफ्तार सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम :
बिरेन्द्र तिवारी (47 वर्ष) – निवासी ग्राम नरैनी, जिला बांदा, उत्तर प्रदेश।
सुभाष कुमार गौतम (25 वर्ष) – निवासी ग्राम इब्राहिमपुर, जिला हरदोई, उत्तर प्रदेश।
सुनील कुमार राजपूत (30 वर्ष) – निवासी ग्राम सकरन, जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश।
करण राजपूत (18 वर्ष) – निवासी ग्राम तेजीखेड़ा, जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश।
राजू मस्ताना (32 वर्ष) – निवासी ग्राम तेजीखेड़ा, जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश।
राजकुमार यादव (47 वर्ष) – निवासी ग्राम बेरीखेड़ा, जिला कानपुर, उत्तर प्रदेश।
रमेश कुमार निषाद (40 वर्ष) – निवासी ग्राम अदावल, जिला फतेहपुर, उत्तर प्रदेश।
सतेन्द्र कुमार यादव (35 वर्ष) – निवासी ग्राम इटाहरा, जिला कानपुर, उत्तर प्रदेश।
सोनू यादव (35 वर्ष) – निवासी रतनलाल नगर, जिला कानपुर, उत्तर प्रदेश।
बसंत राजपूत (20 वर्ष) – निवासी ग्राम जमुनाखेड़ा, जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक एवं अवैध उत्पादों के निर्माण, भंडारण या बिक्री की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
