दुर्ग। सुशासन तिहार के दौरान आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में आम नागरिकों के साथ अशिष्ट व्यवहार करने के मामले में दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर ने कलेक्टर अभिजीत सिंह के प्रस्ताव और वायरल वीडियो क्लिप के परीक्षण के बाद की है।
जानकारी के अनुसार ग्राम थनौद में आयोजित शिविर के दौरान सीईओ पाण्डेय द्वारा जनता से कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आया था। मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
आदेश में कहा गया है कि शासकीय सेवकों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में शिष्ट आचरण बनाए रखना अनिवार्य है। निलंबन अवधि में श्री पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
वहीं प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेन्द्र कुमार जांगड़े को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जनता से बदसलूकी पड़ी भारी, दुर्ग जनपद सीईओ रूपेश पाण्डेय निलंबित
