जंगली सूअर के शिकार करते 6 आरोपी दबोचे गए,वन विभाग के टीम को मिला बड़ी सफलता,,,

राजिम/ मुख्य वन संरक्षक मणिवासगण एस. के नेतृत्व में वनंमंडलाधिकारी गरियाबंद एवं विकास कुमार चंद्राकर उप वनमण्डलाधिकारी राजिम के निर्देशानुसार दिनांक 22/05/2026 को सुबह लगभग 9ः00 को परिसर रक्षी बासीन के वनगश्त के दौरान आरक्षित वन टेका 468, 694 में सुरक्षा श्रमिकों के साथ पहुंचे थे तथी मौके पर 06 आरोपीगण वन्यप्राणी जंगली सुअर के अवैध शिकार हेतु 06 नग पालतू कुत्तों के सहारे 01 नर जंगली सुअर को घेर कर शिकार करते रंगे हाथों पकड़े गए कुत्तों द्वारा जंगली सुअर को बुरी तरह से घायल कर दिया गया था जिससे तत्काल उसकी मृत्यु हो गई । मौके से 04 आरोपी फरार हो गए जिसमें से 02 आरोपी पकड़े गए । मौके पर 01 जंगली सुअर का शव एवं शिकार में प्रयुक्त लाठी एवं छोटा हाथी पिकप वाहन CG-04-NH-0150 प्राप्त हुआ, जिसका मौके पर ही स्थल पंचनामा लिया जप्तीनामा तैयार कर पी.ओ.आर. क्र. 19346/20 दिनांक 22/05/2026 जारी किया गया ।

मौके में पकड़े गए 02 अपराधियों (1) भुनेश्वर देवार वल्द रमेश देवार हालमुकाम तर्रा, तह. राजिम, थाना पाण्डुका , जिला गरियाबंद छ0ग0 एवं (2) कृष्णा देवार वल्द भुपेन्द्र देवार हालमुकाम तर्रा, तह. राजिम, थाना पाण्डुका , जिला गरियाबंद छ0ग0 को दिनांक 22/05/2026 को वन्यप्राणी जंगली सुअर के अवैध शिकार में भारतीय वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा -9 उपधारा-2 (16) (31), 39, 50, 51 एवं 52 उल्लंघन करने पर गिरफ्तार कर रिमांड में गरियाबंद जेल भेजा गया तथा फरार हुए ०४ आरोपी की तलाश जारी है। उक्त कार्यवाही में बद्रीनाथ ध्रुव वनक्षेत्रपाल वन परिक्षेत्र अधिकारी फिंगेश्वर, नरोत्तम साहू उपवनक्षेत्रपाल सहायक परिक्षेत्र अधिकारी राजिम, मनीष कुमार वर्मा उपवन क्षेत्रपाल सहायक परिक्षेत्र अधिकारी फिंगेश्वर, टोमन लाल साहू वनरक्षक परिसर रक्षी बासीन, एवं सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा।।

,,,,,,,पशु प्रेमियों ने वन विभाग की इस कार्यवाही में पूरे टीम को बधाई दी है।साथ ही मांग किया है पाण्डुका परिक्षेत्र में भी हिरण ,सुवर , खरगोश जैसे जंगली जानवरों की शिकारियों को दबोचा जाए,बीते कुछ सालों में सैकड़ों की संख्या में दिखने वाले हिरणों का झुंड अब गिनती मात्र का रह गया है।पिछले कुछ वर्षों में बेतहाशा हिरणों का शिकार होने की बाते सामने आई है। और इस पर कार्यवाही या शिकारियों को पकड़ने में वन विभाग कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई ,,,

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