दुर्ग। ए.बी.बी.एस. स्टोन क्रेशर के पार्टनर बी.बी. सिंह ने श्रीमती रीता सिंह एवं रमेश चंद सिंह राजपूत पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, छल एवं फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए थाना उतई में शिकायत आवेदन प्रस्तुत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
प्रार्थी बी.बी. सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि दिनांक 29 जनवरी 2024 को उनके मध्य चल एवं अचल संपत्तियों के विक्रय के संबंध में इकरारनामा निष्पादित किया गया था। उक्त सौदे में एक टाटा हिताची हाईड्रोलिक एक्सकेवेटर एवं दो भारत बेंज टिपर वाहन सहित कई भूमि खसरे शामिल थे।
शिकायत के अनुसार, सौदे के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा कई महत्वपूर्ण तथ्य छुपाए गए। टाटा हिताची मशीन बैंक से फाइनेंस होने के बावजूद इसकी जानकारी नहीं दी गई। बाद में पूछताछ करने पर एनओसी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। इसके चलते वाहन का नामांतरण भी नहीं हो पा रहा है।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि सौदे में शामिल कुछ भूमि शासकीय लीज की थी, जिसका शासन से अनुमति लेकर हस्तांतरण किया जाना था, लेकिन आज तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया कि इकरारनामे में श्रीमती रीता सिंह के स्थान पर रमेश चंद सिंह राजपूत ने हस्ताक्षर किए, जबकि कोई वैध मुख्यारनामा प्रस्तुत नहीं किया गया।
बी.बी. सिंह का कहना है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि जिस भूमि को दान भूमि बताकर विक्रय का इकरार किया गया था, वह वास्तव में काबिल-काश्त भूमि थी, जिसे बेचने का अधिकार संबंधित पक्षों को नहीं था। इसके बावजूद उनसे अब तक कुल 4 करोड़ 39 लाख 50 हजार रुपये ले लिए गए, लेकिन न तो भूमि का पंजीयन कराया गया और न ही लीज हस्तांतरण की कार्रवाई की गई।
प्रार्थी ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
