पाटन एवं धमधा क्षेत्र में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में 17 लाख की धोखाधड़ी, दो आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। पुलिस ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की राशि में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर हितग्राहियों की शासकीय राशि फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लगभग 17 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।


पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जनपद पंचायत स्तर पर उपलब्ध लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए पात्र हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों की जगह अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज कर दी। इसके बाद योजना की राशि लगातार उन्हीं खातों में ट्रांसफर होती रही।
मामले में जनपद पंचायत धमधा क्षेत्र के 44 हितग्राहियों की करीब 4 लाख 50 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन क्षेत्र के 63 हितग्राहियों की लगभग 12 लाख 60 हजार रुपये की राशि अन्य खातों में ट्रांसफर होना जांच में सामने आया है।


मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा द्वारा 17 मई 2026 को थाना धमधा में तथा जनपद पंचायत पाटन द्वारा 19 मई 2026 को थाना पाटन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान बैंक दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य और ऑनलाइन पोर्टल की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने योजना संबंधी खातों में सुधार के लिए प्राप्त अधिकृत लॉगिन एक्सेस का दुरुपयोग कर हितग्राहियों के खातों में बदलाव किया था। ट्रांसफर की गई राशि का संचालन मोबाइल बैंकिंग और एटीएम के जरिए किया जा रहा था।


पुलिस ने बताया कि शिकायत और जांच की भनक लगने के बाद आरोपियों ने कुछ राशि वापस जमा भी कर दी थी। कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए हैं।


गिरफ्तार आरोपियों में दीपक कुमार यादव निवासी जिला दुर्ग तथा लिलेश्वर यादव उर्फ रवि (26 वर्ष), निवासी ग्राम अकोला वार्ड क्रमांक 06 उड़िया बस्ती थाना कुम्हारी जिला दुर्ग शामिल हैं।
घटना का मुख्य केंद्र एक्सिस बैंक शाखा गंजपारा सहित जनपद पंचायत धमधा और जनपद पंचायत पाटन क्षेत्र रहा।


दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और शासकीय योजनाओं से जुड़े कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी शासकीय पोर्टल की लॉगिन आईडी, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी भी वित्तीय अनियमितता की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को देने की अपील की गई है।

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