प्राचार्यों के निलंबन पर फेडरेशन प्रतिनिधिमंडल की शिक्षा सचिव से सार्थक चर्चा, कलेक्टर बालोद के आदेश निरस्तीकरण की मांग


रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने आज मंत्रालय में शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह से भेंट कर बालोद जिले के 8 प्राचार्यों पर की गई निलंबन कार्रवाई को तत्काल वापस लेने तथा कलेक्टर बालोद द्वारा जारी इंक्रीमेंट रोकने संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने निलंबन कार्रवाई को एकपक्षीय, अधिकार क्षेत्र से परे तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के प्रतिकूल बताते हुए कहा कि इस प्रकार की कठोर कार्रवाई से शिक्षकीय एवं प्रशासनिक तंत्र का मनोबल प्रभावित होता है। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि केवल परीक्षा परिणाम को आधार बनाकर संबंधित प्राचार्यों को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि परीक्षा परिणाम अनेक सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने चर्चा के दौरान यह भी अवगत कराया कि प्राचार्य पद का नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी शासन स्तर पर है तथा प्रचलित नियमों के अनुसार ऐसी कार्रवाई शासन स्तर पर परीक्षण उपरांत ही किया जाना अधिक उपयुक्त होता। प्रतिनिधिमंडल ने सभी निलंबित प्राचार्यों की सेवा गरिमा, सम्मान एवं मनोबल को ध्यान में रखते हुए निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।
शिक्षा सचिव के साथ हुई चर्चा सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। सचिव महोदय ने फेडरेशन द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं पक्षों को गंभीरता से सुना तथा मामले के परीक्षण उपरांत यथोचित सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी एवं अधिकारियों के सम्मान, न्यायोचित अधिकारों तथा सेवा सुरक्षा के लिए संगठन सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।

प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन), चंद्रशेखर तिवारी (महासचिव), अश्वनी चेलक, एम.आर. खान (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन), धर्मेंद्र सिंह ठाकुर (प्रदेश सचिव), वीरेंद्र नामदेव एवं चमेली वर्मा (प्रदेश कोषाध्यक्ष) उपस्थित रहे।

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