बिना पंचायत अनुमति क्रेशर स्थापना का आरोप, मुड़पार के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा सुशासन तिहार में जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

पाटन। ग्राम ढौर में आयोजित सुशासन शिविर में ग्राम मुड़पार के ग्रामीण बड़ी संख्या में जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र चंद्रवंशी के नेतृत्व में पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गांव में स्थापित किए जा रहे बाबा क्रेशर को तत्काल बंद कराने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना ग्राम पंचायत की अनुमति और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए नए क्रेशर मशीन की स्थापना की जा रही है, जिससे पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है।


ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि पहले से संचालित क्रेशर के कारण निकलने वाली धूल, पत्थर कण और भारी वाहनों की आवाजाही से गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। मुख्य सड़क किनारे संचालित क्रेशर के चलते स्कूली बच्चों, महिलाओं और राहगीरों को रोजाना खतरे के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। लगातार उड़ रही धूल से सांस, एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।


ग्रामीणों के अनुसार क्रेशर से फैलने वाले प्रदूषण का असर लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि पर पड़ रहा है। धूल की परत जमने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं खदान क्षेत्र में कथित अवैध ब्लास्टिंग से आसपास के घरों में कंपन महसूस होने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की। इससे किसी बड़े हादसे और जनहानि की आशंका जताई जा रही है।


ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ज्ञापन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, बिना पंचायत अनुमति एवं पर्यावरणीय नियमों के संचालित क्रेशर पर तत्काल रोक लगाने तथा प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की गई है।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन और उग्र विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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