पाटन। टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत हथखोज में आज हैंडल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 117 लोगों की निःशुल्क जांच की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी रोग की समय रहते पहचान कर उसके उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान के तहत नगर, ग्राम एवं पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता और जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे चरण में ऐसे लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिनमें लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है या जो लंबे समय से तंबाकू, शराब, बीड़ी-सिगरेट का सेवन करते हैं।उन्होंने बताया कि जिन लोगों में टीबी के लक्षण जैसे वजन कम होना, लगातार हल्का बुखार रहना, खांसी आना, बलगम में खून आना या भूख नहीं लगना दिखाई देते हैं, उनकी स्पूटम जांच की जा रही है। वहीं, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों या औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले लोगों में फेफड़ों की टीबी होने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए उनकी भी विशेष जांच की जा रही है।खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो खांसने, छींकने या संक्रमित बलगम के माध्यम से फैलता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुले में थूकने से बचें, मास्क का उपयोग करें और समय पर पूरा उपचार लें, क्योंकि टीबी का इलाज संभव है।
इस अभियान के तहत घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हैंडल एक्स-रे मशीन की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक लोग जांच करवा सकें।कार्यक्रम को सफल बनाने में एलएचवी श्रीमती आर. विश्वास, श्रीमती हर्षा मानिकपुरी, सोनसीर देशलहरे, श्रीमती सतरूपा निर्मलकर, नारायण साहू, भूपेंद्र सिन्हा, टीबीएचबी राहुल यादव एवं मितानिन बहनों का विशेष योगदान रहा।
