डिजिटल युग में रामकथा का विस्तार, “मानस दर्शन जीवन अर्पण 6.0” का आज शुभारंभ

  • छत्तीसगढ़ की 110 मानस मंडलियां ऑनलाइन रामकथा के माध्यम से देंगी आध्यात्मिक शीतलता

पाटन। प्रचंड गर्मी के बीच भगवान श्रीराम से रक्षा की प्रार्थना करते हुए “मानस दर्शन जीवन अर्पण 6.0” के तहत रामचरित मानस ऑनलाइन व्याख्यान माला का ग्रीष्मकालीन आयोजन मंगलवार 05 मई 2026 से प्रारंभ हो गया है। इस बार आयोजन का नाम “मानस ब्रह्म गर्भ” रखा गया है।

आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम मानस के गर्भ में निहित ब्रह्म के चिदानंद स्वरूप के दर्शन कराते हुए जनमानस के जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने का प्रयास है। श्री हनुमान जी की कृपा से आयोजित इस श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की 110 सुप्रसिद्ध मानस मंडलियां सहभागिता कर रही हैं।

इससे पूर्व श्रावण मास में 25 दिवसीय एवं भाद्र मास के तीज पर्व पर 5 दिवसीय ऑनलाइन मानस यात्रा का सफल आयोजन किया जा चुका है। कोरोना काल में भी इस मंच ने निरंतर ऑनलाइन रामकथा के माध्यम से लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की थी।

कार्यक्रम में गायत्री महिला मानस मंडली किकिरमेटा, रामेश्वर मानस मंडली शुक्लाडीह, एकता मानस मंडली देवादा, सिद्धि विनायक मानस मंडली बठेना, बाल शिरोमणि मानसवृंद करसा और रघुनायक मानस मंडली परसाही सहित क्षेत्र की प्रमुख मंडलियां भगवान राम के चरित्र का मधुर गायन प्रस्तुत करेंगी।

संस्थापक दीपक गुहा द्वारा शुरू किया गया यह मंच आज छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन रामकथा प्रस्तुत करने वाला एक अनूठा मंच बन चुका है, जो संस्कृति, सभ्यता और अध्यात्म को सहेजने का कार्य कर रहा है।

पाटन तहसील मानस संघ के सदस्य एवं शिक्षाविद छन्नूलाल साहू ने बताया कि डिजिटल युग में जहां लोग सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय व्यतीत कर रहे हैं, वहीं इस प्रकार के आयोजन के माध्यम से संस्कार और आध्यात्मिक विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

वहीं आयोजन के सचिव एवं मानस व्याख्याकार हितेंद्र कुमार साहू ने कहा कि आधुनिक परिवेश में साहित्य, संस्कृति और ज्ञान के प्रसार के लिए डिजिटल मंच एक सरल और प्रभावी माध्यम बन चुका है।

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