जनपद पंचायत पाटन की सामान्य सभा में अधिकारियों की गैरहाजिरी पर फूटा गुस्सा, स्वच्छता सर्वेक्षण में गोपनीयता पर बवाल—अध्यक्ष कीर्ति नायक का कड़ा रुख

पाटन। जनपद पंचायत पाटन की सामान्य सभा की बैठक में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गैरमौजूदगी को लेकर तीखी नाराजगी देखने को मिली। बैठक में अपेक्षित अधिकारियों की अनुपस्थिति से कार्यवाही बाधित हुई, जिस पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने सख्त आपत्ति दर्ज करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी।

अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनपद पंचायत की सामान्य सभा कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े निर्णयों का सर्वोच्च मंच है। इसमें अधिकारियों की अनुपस्थिति सीधे-सीधे जनता के विश्वास और जनप्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान स्वच्छता सर्वेक्षण को गुप्त तरीके से कराए जाने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। जनप्रतिनिधियों को बिना सूचना दिए टीमों का आना और सर्वेक्षण करना गंभीर अनियमितता माना गया। इस पर अध्यक्ष सहित सभी जनपद सदस्यों ने जनपद पंचायत के सीईओ के प्रति तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे पारदर्शिता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया।

अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर इस प्रकार की कार्यशैली न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह प्रशासनिक मनमानी का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही, गोपनीयता और जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति जारी रही, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उच्च स्तर पर कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा जाएगा।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने भी एक स्वर में प्रशासनिक ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि योजनाओं और सर्वेक्षण कार्यों में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

अंत में अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे आगामी बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें तथा प्रत्येक योजना और गतिविधि में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें, अन्यथा कार्रवाई तय मानी जाए।

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