खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,
सुप्रसिद्ध ख्यातिप्राप्त लोक गायिका आरू साहू की बहेगी सुरमयी बहार,,,,,,
पाण्डुका/अंचल कै सुप्रसिद्ध दैवीय स्थल झरझरा में आज बासंतीय नवरात्र षष्ठमी दिवस मंगलवार को दैवीय पुराण कथा वाचक पं युवराज पाण्डेय के वाचन सत्संग के अलावा छत्तीसगढ़ के लोक कला संस्कृति और परम्पराओं का जीवंत प्रतीक देखने और सुनने को मिलेगा। जिसमें छत्तीसगढ़ी व्यंजन गढ कलेवा के अंतर्गत अंगाकर पान रोटी जिसका आकार बैलगाड़ी के चक्के के समान यानि चार फीट का और मोटाई 2 इंच का होगा, जिसके साथ खाने के लिए 1 करेट टमाटर का सिलबट्टा चटनी मिट्टी के कुम्हार बर्तन कुडेंरा पर उपलब्ध रहेगा,जिसका आनंद यहां आने वाले आगंतुक श्रद्धालुओं द्वारा उठाया जाएगा। इसके साथ साथ कथा समापन शाम 5 बजे पश्चात छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सांस्कृतिक संस्था कु आरु साहू का लोक गायन दैवी भजन का ब्यार देर शाम तक सुनने को मिलेगा।
उक्त विषय पर यहां के बहुचर्चित लोक कला संस्कृति साहित्य और जनजीवन पर शोधकर्ता और संस्कृति कर्मी लोहरसी निवासी राजकुमार यादव गौकरण मानिकपुरी फुलझर और साथियों द्वारा इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि यह पहल संस्कृति को बढ़ावा देने , संरक्षण संवर्धन के बहुआयामी उद्देश्यों को लेकर विगत 20 वर्षो से किया जा रहा प्रयास है,जो अनवरत जारी है।बता दें कि ऐसा काम अंचल में भिन्न भिन्न रुपों में किया जाता रहा है, किन्तु अब यह पहल वृहद रूप देने का एक और आशय है कि , इस बार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिनीज बुक और लिम्का बुक में रिकॉर्ड करने भी लक्ष्य है।
जिसे राज्य सहित हर स्तर पर गरियाबंद जिले और अंचल का नाम हो।
इस वर्ष अंचल के सुप्रसिद्ध धार्मिक दैवीय स्थल माता झरझरा डोंगरीगांव(मुरमुरा) में जन विकास समिति ग्राम पंचायत मुरमुरा के संयुक्त तत्वावधान में चैत नवरात्रि मे ज्योति जंवारा का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय कथा वाचक पं युवराज पाण्डेय का दैवीय भागवत पुराण का आयोजन किया गया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक राजकुमार यादव ने बताया कि इस पावन अवसर पर 19 मार्च को प्रारंभ होने जा रहे नवरात्रि ज्योति कलश स्थापना और दैवीय पुराण कथा का आयोजन दौरान 24 मार्च दिन मगंलवार को शाम 05 बजे छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परंपरा का प्रदर्शन विशेष रूप से किया जाएगा। जिसमें सुप्रसिद्ध ख्यातिप्राप्त लोक गायिका आरू साहू का छत्तीसगढ़ी गीत जगराता दैवीय गीत और स्थानीय कलाकारों द्वारा पण्डवानी तथा छत्तीसगढ़ का विलुप्त हो रही कला, का सजीव प्रस्तुति होगा और, संस्कृति, वेषभुषा,खान पान सभ्यता और परम्परा का प्रचार प्रसार भी होगा,संरक्षण और संवर्धन के दिशा में समर्पित लोहरसिंग निवासी लोक कला मंच ” संझा बिहनिया ” के संचालक राजकुमार यादव, गरियाबंद जिला के सिरजन संस्था के संस्थापक गौकरण मानिकपुरी फुलझर,और अन्य सहयोगी साथी गण तैयारी मे लगे हुए हैं। इस अवसर को और अधिक लोकप्रिय और धर्ममय सांस्कृतिक चेतना को विस्तृत रूप देने गरियाबंद और धमतरी जिले के सिरजन संगठन के सभी कलाकारों को भी इस दिन आमंत्रित किया गया है।
आयोजकों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार कथा वाचन सत्संग के साथ साथ रोज दैवीय भजन जस सेवा दूर दूर से आऐ और आंचलिक कलाकारों के द्वारा लगातार चलता रहेगा।
पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित करने मां झरझरा जन विकास समिति के पदाधिकारी गण लगातार लगे हुए हैं, जिसमें अध्यक्ष ढाल सिंह साहू , सचिव रुपेश कुमार साहू, संचालक मोहन लाल साहू, अनिल कुमार साहू, भिखारी राम साहू, सरपंच दीपक कुमार साहू, रेखराम साहू, सुरेन्द्र कुमार साहू, कुलेश्वर साहू, जीवन साहू, अगेश राम साहू,फूलसिंग साहू आदि हैं।
इस दौरान यह भव्य आयोजन क्षेत्र में प्रथम बार है, इस अनूठा पहल को देखने गांव गांव जनमानस के बीच चौपाल मे चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कथा वाचक को सुनने एवं कथा श्रवण लाभ लेने आस-पास और दूरस्थ क्षेत्रों से रसिक श्रोताओं के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि और मंत्री विधायक और सांसदों आधिकारी कर्मचारीयो प्रतिदिन आ रहे हैं।
